सरगुजा जिले के मैनपाट जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत नर्मदापुर में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। जनपद पंचायत मैनपाट के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) की ओर से जारी किए गए अलग-अलग पत्रों में पंचायत के तत्कालीन सरपंचों, वर्तमान सरपंच और तत्कालीन सचिव से लाखों रुपये की राशि वसूली योग्य बताई गई है।
जांच में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, अलग-अलग वर्षों में कराए गए निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की कुल राशि करीब 92.92 लाख रुपए तक पहुंच रही है। जनपद पंचायत की जांच में यह भी पाया गया कि कई निर्माण कार्यों से जुड़े जरूरी दस्तावेज, जैसे व्यय प्रमाणक, नस्ती फाइल, मूल्यांकन और सत्यापन से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके बाद संबंधित जिम्मेदारों को अपना पक्ष रखने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।
चार साल के काम में 66.67 लाख की गड़बड़ी
जनपद पंचायत मैनपाट की ओर से 16 जुलाई 2026 को तत्कालीन सरपंच राजनाथ भैंसा को जारी पत्र में ग्राम पंचायत नर्मदापुर के वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक के निर्माण कार्यों की जांच का उल्लेख किया गया है। पत्र के मुताबिक 15वें वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन सहित अन्य योजनाओं के तहत कराए गए कार्यों में रिकॉर्ड और खर्च से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए। इसके चलते करीब 66.67 लाख रुपए की राशि वसूली योग्य बताई गई है। वर्तमान सरपंच ललिता भैंसा को जारी नोटिस में वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्माण कार्यों की जांच का हवाला दिया गया है। जांच के दौरान संबंधित कार्यों के दस्तावेज और व्यय प्रमाणक उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। जनपद पंचायत ने इस मामले में 7.88 लाख रुपए की राशि वसूली योग्य बताई है और संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।2016-17 के कार्यों में भी उठे सवाल
वर्ष 2016-17 में हुए निर्माण कार्यों को लेकर तत्कालीन सरपंच गणेश नाग को जारी पत्र में भी वित्तीय अनियमितता का उल्लेख किया गया है। इस मामले में 5.11 लाख रुपए की राशि वसूली योग्य बताई गई है। इसी अवधि के मामले में तत्कालीन पंचायत सचिव अनिल यादव को भी पत्र जारी किया गया है, जिसमें समान राशि 5.11 लाख रुपए की वसूली योग्य बताई गई है। तत्कालीन सरपंच चन्द्रपाल सिंह को जारी पत्र में वित्तीय वर्ष 2021-22 के निर्माण कार्यों की जांच का उल्लेख किया गया है। पत्र के अनुसार, संबंधित कार्यों की मूल्यांकन और सत्यापन से जुड़ी फाइलें उपलब्ध नहीं कराई गईं। इस मामले में जनपद पंचायत ने 8 लाख 13 हजार 665 रुपए की राशि वसूली योग्य बताई है।
जवाब नहीं देने पर आरआरसी कार्रवाई की चेतावनी
जनपद पंचायत मैनपाट के CEO ने सभी संबंधित लोगों को निर्देश दिए हैं कि वे तीन दिन के भीतर अपना अभिमत प्रस्तुत करें और निर्माण कार्यों से जुड़े सभी दस्तावेजों के साथ उपस्थित हों। पत्र में कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा में जवाब या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित व्यक्ति की जिम्मेदारी मानते हुए राशि वसूली के लिए आरआरसी (Revenue Recovery Certificate) प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर सरगुजा और जिला पंचायत सरगुजा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी भेजी गई है।पंचायत के वित्तीय प्रबंधन पर उठे सवाल
एक ही पंचायत के अलग-अलग कार्यकालों से जुड़े सरपंचों और सचिवों के खिलाफ इतनी बड़ी वसूली योग्य राशि सामने आने के बाद नर्मदापुर पंचायत की वित्तीय व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, फिलहाल दस्तावेजों में इसे वित्तीय अनियमितता और वसूली योग्य राशि के रूप में दर्ज किया गया है। संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। अंतिम जिम्मेदारी और दोष का निर्धारण आगे की जांच और कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।