Surguja News: उदयपुर वन परिक्षेत्र में एक जंगली हाथी की करंट लगने से मौत का मामला सामने आया है, घटना अलकापुरी जंगल की बताई जा रही है, जहां नेशनल हाईवे से करीब 500 मीटर अंदर हाथी का शव मिला। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी, प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए लगाए गए झटका तार में हाथी फंस गया, बताया जा रहा है कि इस तार में घरेलू बिजली की अवैध सप्लाई जोड़ दी गई थी। इसी करंट की चपेट में आने से हाथी की मौत होने की बात सामने आई है, हालांकि, मौत की वास्तविक वजह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
इलाके में 27 हाथियों का झुंड
वन विभाग से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इस क्षेत्र में करीब 27 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है, बताया गया है कि घटना वाली रात हाथियों का दल अलकापुरी जंगल के आसपास मौजूद था। इसी दौरान एक हाथी झटका देने वाले तार के संपर्क में आ गया, घटना के बाद वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मैदानी अमला भी मौके पर पहुंचा। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वहां से जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
करंट का तार किसने लगाया, जांच जारी
वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि जंगल के पास करंट प्रवाहित तार किसने लगाया था और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था, अधिकारियों की जांच का एक अहम बिंदु यह भी है कि तार में बिजली की सप्लाई कैसे पहुंची और इसके लिए किस स्तर पर अवैध हुकिंग की गई थी। हाथी के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, इसके बाद ही मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। साथ ही, जिम्मेदार व्यक्ति या लोगों की पहचान होने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
वन्यजीव सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
जंगली हाथी की मौत ने वन क्षेत्रों के आसपास लगाए जाने वाले अवैध करंट वाले तारों और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, खास तौर पर मानव-हाथी संघर्ष वाले इलाकों में इस तरह के बिजली प्रवाहित तार वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले 26 सितंबर को जशपुर जिले के दुलदुला क्षेत्र में भी करंट की चपेट में आने से एक जंगली हाथी की मौत हुई थी, उदयपुर की घटना के बाद वन विभाग के सामने ऐसे मामलों की रोकथाम और जंगल से सटे इलाकों में निगरानी बढ़ाने की चुनौती भी सामने है।
