रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार जारी है। रविवार देर रात आबादी वाले इलाके में पहुंचे एक हाथी ने करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग ग्रामीण पर हमला कर दिया। हाथी के हमले में ग्रामीण की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
यह घटना बाकारुमा वन परिक्षेत्र के ग्राम जमाबीरा की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, देर रात एक जंगली हाथी जंगल से निकलकर गांव के करीब पहुंच गया था। इसी दौरान हाथी और ग्रामीण के बीच आमना-सामना हो गया, जिसके बाद हाथी ने हमला कर दिया।
मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही क्षेत्र में हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की गई है।

हाथी ने सिर को कुचला, ग्रामीण की हुई पहचान
हाथी के हमले में मृतक ग्रामीण के सिर पर गंभीर चोट आई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान रतन उर्फ चंदन गुप्ता, निवासी जमाबीरा, उम्र करीब 60 वर्ष के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल बना हुआ है।
धरमजयगढ़ वन मंडल में 129 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में कुल 129 हाथी मौजूद हैं। इनमें 38 नर हाथी, 59 मादा हाथी और 32 शावक शामिल हैं। हाथियों के कई दल अलग-अलग जंगल क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
आबादी में हाथियों की दस्तक से बढ़ी चिंता
जमाबीरा में हाथी के पहुंचने और बुजुर्ग की मौत की घटना ने एक बार फिर धरमजयगढ़ क्षेत्र में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष की समस्या को उजागर किया है। पिछले कुछ समय से इलाके के कई गांवों में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में डर बना हुआ है।
आमापाली में सबसे बड़ा दल, कई इलाकों में सक्रिय हाथी
धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र के आमापाली क्षेत्र में हाथियों का सबसे बड़ा दल मौजूद है, जिसमें करीब 36 हाथी शामिल हैं। इसके अलावा कापू रेंज के पुटुकछार में 17 और रूवाफूल क्षेत्र में 16 हाथियों का दल मौजूद है।
पांच दिन में 107 ग्रामीण हुए प्रभावित
हाथियों की लगातार आवाजाही के कारण क्षेत्र में नुकसान और खतरा बढ़ रहा है। पिछले पांच दिनों में हाथियों की गतिविधियों से करीब 107 ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। वन विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और ग्रामीणों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है।