मेला देखने जा रही पीड़िता को बनाया निशाना
तालाब के घाट और खंडहर में दरिंदगी
अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक राजीव बेरीवाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:
पचरी घाट पर वारदात: आरोपियों ने सबसे पहले महिला को तालाब के पचरी घाट पर ले जाकर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया।
खंडहर मकान में दोबारा हैवानियत: इसके बाद कृष्णा चौहान महिला को धमकाते हुए एक खेत के रास्ते मंदिर के पास बने एक कमरे के खंडहर मकान में ले गया और वहां दोबारा दरिंदगी की। उस दौरान उसका साथी बाहर पहरा दे रहा था।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कृष्णा उसे अपने घर के पास ले गया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर अंदर चला गया।
सरपंच ने दिखाई हिम्मत, दर्ज कराई रिपोर्ट
आरोपी के चंगुल से छूटने के बाद बदहवास पीड़िता ने गांव के सरपंच को फोन कर अपनी आपबीती सुनाई और मदद मांगी। सरपंच तुरंत मौके पर पहुंचा और पीड़िता को सुरक्षित उसके घर पहुंचाया। शुरुआत में डर के कारण पीड़िता ने परिजनों को पूरी बात नहीं बताई, लेकिन अगले दिन हिम्मत जुटाकर उसने अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद सरपंच और परिजनों की मौजूदगी में पुसौर थाने पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।वैज्ञानिक साक्ष्य और डीएनए टेस्ट बने मजबूत आधार
पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। पुलिस की कार्रवाई की मुख्य बातें:
पीड़िता और गवाहों के बयान दर्ज कर घटना स्थल का नक्शा तैयार किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं।
आरोपियों की संलिप्तता पूरी तरह साबित करने के लिए पुलिस ने डीएनए (DNA) टेस्ट कराया, जो कोर्ट में ठोस सबूत साबित हुआ।
अदालत का अंतिम फैसला
दोनों पक्षों की दलीलें और पुलिस द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने निम्नलिखित सजा सुनाई:
| दोषी का नाम | दी गई सजा |
| सचीदानंद साहू उर्फ मुनु | आजीवन कारावास + अर्थदंड |
| उत्तम मिर्धा | आजीवन कारावास + अर्थदंड |
| कृष्णा चौहान | 20 साल का कठोर कारावास + अर्थदंड |
| नरेंद्र सिदार | 20 साल का कठोर कारावास + अर्थदंड |
| बबलू चौहान | 20 साल का कठोर कारावास + अर्थदंड |
| राहुल खड़िया | 20 साल का कठोर कारावास + अर्थदंड |

