Maoist Controversy: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में गणेश विसर्जन उत्सव के बीच एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पदाधिकारियों ने कांग्रेस नेता पर एक कुख्यात माओवादी से जुड़े गाने पर डांस करने और उसका महिमामंडन करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर भाजयुमो के जिला प्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
भाजयुमो द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, 26 सितंबर की देर रात से 27 सितंबर की सुबह तक शहर में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस निकाला जा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे और वर्तमान में जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री देवेश वैष्णव ने सार्वजनिक स्थान पर एक ऐसे गाने पर डांस किया, जो माओवादी कमांडर से संबंधित था। भाजयुमो का दावा है कि इस पूरे वाकये का वीडियो सबूत के तौर पर मौजूद है, जिसे प्रशासन को सौंप दिया गया है।
विवादित गाने और महिमामंडन पर आपत्ति
शिकायत पत्र में भाजयुमो नेताओं ने स्पष्ट कहा कि जिस गाने पर डांस किया जा रहा था, वह प्रतिबंधित संगठन से जुड़े खूंखार माओवादी हिड़मा का महिमामंडन करता है। सार्वजनिक स्थल पर इस तरह के गानों का बजना और उस पर जनप्रतिनिधियों द्वारा थिरकना बेहद आपत्तिजनक है। भाजयुमो ने मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए देवेश वैष्णव के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।
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गौरतलब है कि शहर में गणेश विसर्जन झांकियों का दौर 26 सितंबर की रात से शुरू होकर अगले दिन सुबह तक चला था। आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए इस घटनाक्रम ने अब प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
कौन था माओवादी हिड़मा?
माडवी हिड़मा प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) की पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) बटालियन-1 का शीर्ष कमांडर और सेंट्रल कमेटी का प्रमुख सदस्य था। मूल रूप से बस्तर के सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का रहने वाला हिड़मा सुरक्षा बलों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ था। वह 2010 के चर्चित ताड़मेटला कांड, 2013 के झीरम घाटी हमले और 2021 के टेकलगुड़ा नक्सली हमले का मुख्य रणनीतिकार माना जाता था। देश के सबसे घातक नक्सली हमलों को अंजाम देने वाला यह मोस्ट वांटेड नक्सली 18 नवंबर 2025 को सुरक्षा बलों के साथ हुई एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था।
