France Pakistan defence ties: दक्षिण एशिया में रक्षा समीकरणों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। एक तरफ जहां भारत और फ्रांस के बीच लगभग 114 राफेल लड़ाकू विमानों की एक विशालकाय डील को लेकर उन्नत स्तर पर बातचीत जारी है—जिसकी अनुमानित लागत 35 से 40 अरब डॉलर के आसपास बताई जा रही है—वहीं दूसरी तरफ फ्रांस के रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सचिव जनरल निकोलस रोश ने रावलपिंडी स्थित पाकिस्तानी सेना के जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) का दौरा किया है। मंगलवार को हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में निकोलस रोश ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की। इस दौरान पाकिस्तान में फ्रांस के राजदूत जीन-नोएल पोइरियर भी मौजूद रहे।
द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को गति देने पर जोर
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग (ISPR) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, रावलपिंडी में हुई इस मुलाकात में दोनों देशों के अधिकारियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा स्थितियों और आपसी रक्षा सहयोग जैसे संवेदनशील विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया। बातचीत के दौरान फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने फ्रांस के साथ द्विपक्षीय संबंधों को अधिक मजबूती देने और सुरक्षा तथा रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को विस्तार देने की पाकिस्तान की प्रतिबद्धता स्पष्ट की। वहीं दूसरी ओर, फ्रांसीसी रक्षा अधिकारी रोश ने क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों का संज्ञान लेते हुए साझा हित वाले क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने में फ्रांस की रुचि जताई।
जॉइंट सिक्योरिटी कमीशन की 8वीं बैठक में समीक्षा
इस बैठक से इतर इस्लामाबाद में पाकिस्तान-फ्रांस जॉइंट सिक्योरिटी कमीशन का आठवां दौर भी आयोजित हुआ। इस द्विपक्षीय बातचीत में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) मुहम्मद अली ने की, जबकि फ्रांसीसी दल की कमान निकोलस रोश के हाथों में रही। कमीशन की बैठक में दोनों देशों ने 'पाकिस्तान-फ्रांस रोडमैप फॉर बाइलेटरल कोऑपरेशन (2023)' के तहत तय की गई रणनीतियों को लागू करने का संकल्प दोहराया। साथ ही, वर्ष 2022 में पेरिस के भीतर आयोजित हुए सातवें सत्र में उठाए गए मुद्दों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद और सैन्य संपर्क को भविष्य में भी लगातार बनाए रखने पर सहमति बनी है।
