Marco Rubio: ट्रंप कैबिनेट छोड़ने की खबरों पर मार्को रुबियो ने तोड़ी चुप्पी, बोले– अफवाहों पर हंसी आती है
Marco Rubio: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ट्रंप प्रशासन से इस्तीफा देने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल पूरा होने तक उनके साथ काम करेंगे। यह बयान अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद आया है।
Marco Rubio: अमेरिकी राजनीति में हलचल के बीच विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने पद छोड़ने की तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। हाल ही में आए मिडटर्म चुनाव परिणामों के बाद से ही खबरें उड़ रही थीं कि
रुबियो ट्रंप प्रशासन से अलग होने की तैयारी में हैं। हालांकि, उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है और वे अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' से बातचीत करते हुए रुबियो ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर काम करना उनकी शुरुआत से ही प्राथमिकता रही है और वे अपने तय प्लान पर ही आगे बढ़ रहे हैं।
मुझे अपना काम पसंद है-अफवाहों पर रुबियो का जवाब
कैबिनेट से इस्तीफे की खबरों पर हैरानी जताते हुए रुबियो ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं मालूम कि इस तरह की बातें कहां से शुरू होती हैं। मुझे अपनी जिम्मेदारी बेहद पसंद है। जब कोई कहता है कि
मैं इस्तीफा दे रहा हूं, तो मुझे हंसी आती है। मैं यही सोचता हूं कि आखिर किस नौकरी को छोड़ने की बात हो रही है?" मार्को रुबियो के पास विदेश मंत्री के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) का महत्वपूर्ण प्रभार भी है। अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में उन्हें 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी का प्रमुख चेहरा माना जा रहा है। हालांकि, जब उनसे 2028 की दावेदारी पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल वे इस मुद्दे पर कोई बात नहीं करना चाहते।
कहां से शुरू हुई इस्तीफे की चर्चा?
दरअसल, ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रुबियो और उनकी टीम भविष्य के विकल्पों पर विचार कर रही है, हालांकि उन्होंने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। यह खबर ऐसे समय में सामने आई जब 3 नवंबर को हुए अमेरिकी मिडटर्म (मध्यावधि) चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है।
चुनाव नतीजों ने बढ़ाईं ट्रंप की मुश्किलें
हालिया मिडटर्म चुनावों में विरोधी डेमोक्रेटिक पार्टी ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के दोनों सदनों पर अपना कब्जा जमा लिया है:
दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का बहुमत होने के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए अपने बचे हुए कार्यकाल में सख्त नीतियां लागू करना और कानून पास कराना एक बड़ी चुनौती बनने वाला है।