दुर्ग जिले के भिलाई नगर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। यहां एक स्कूल कर्मचारी को उसकी पत्नी की बीमा पॉलिसी का दूसरा प्रीमियम जमा कराने के नाम पर ठग लिया गया। साइबर ठग ने पहले पॉलिसी से जुड़ी सही जानकारी देकर पीड़ित का भरोसा जीता और फिर ऑनलाइन पेमेंट लिंक भेजकर 89 हजार रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।
मामले में सेक्टर-10 निवासी अनिल कुमार पी. (58) ने भिलाई नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फोन पर खुद को बताया बीमा कंपनी का कर्मचारी
पीड़ित अनिल कुमार ने पुलिस को बताया कि 28 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1:45 बजे वह डीपीएस स्कूल स्थित अपने कार्यालय में थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम राहुल शर्मा बताया और खुद को बीमा कंपनी से जुड़ा व्यक्ति बताया। आरोपी ने अनिल की पत्नी के नाम से चल रही मैक्स लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की जानकारी दी। उसने बताया कि पॉलिसी का दूसरा प्रीमियम जमा होना बाकी है और इसके लिए 1 लाख 7 हजार 455 रुपए का भुगतान करना होगा। आरोपी के पास पॉलिसी से जुड़ी कई जानकारियां होने के कारण अनिल को उस पर विश्वास हो गया।
कम पैसे जमा करने का दिया झांसा
इसके बाद ठग ने पीड़ित को एक ऑफर का लालच दिया। उसने कहा कि D2C कोड के माध्यम से भुगतान करने पर करीब 18 हजार रुपए कम राशि जमा करनी होगी। आरोपी ने अनिल से कहा कि वह भुगतान के लिए एक लिंक भेजेगा, जिसके जरिए आसानी से प्रीमियम जमा किया जा सकता है। कुछ देर बाद WhatsApp पर मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के नाम से एक पेमेंट लिंक भेजा गया। पीड़ित ने बताया कि आरोपी फोन पर जिस तरह भुगतान की प्रक्रिया बताता गया, वह उसी के अनुसार करते गए। लिंक खोलने के बाद पॉलिसी नंबर दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी ने एक बैंक खाता नंबर दिया और उसे बीमा कंपनी का खाता बताया। खाते में कंपनी का नाम दिखने के बाद अनिल ने Google Pay के माध्यम से 89 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठगों ने WhatsApp पर भुगतान की रसीद भी भेज दी, जिससे उन्हें लगा कि उनकी पत्नी की पॉलिसी का प्रीमियम जमा हो चुका है।दो दिन बाद हुआ ठगी का खुलासा
पैसे जमा करने के बाद जब दो दिन तक पॉलिसी का ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ तो अनिल को शक हुआ। उन्होंने भुगतान की जानकारी की जांच की, तब उन्हें पता चला कि उनके साथ साइबर धोखाधड़ी हुई है। इसके बाद उन्होंने साइबर सेल भिलाई भट्ठी में शिकायत दर्ज कराई और पंजाब नेशनल बैंक में भी ऑनलाइन फ्रॉड की सूचना दी। शिकायत मिलने के बाद भिलाई नगर पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों, WhatsApp अकाउंट और बैंक खाते की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी जुटा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि 89 हजार रुपए किस खाते में पहुंचे और इसके बाद रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद साइबर ठगी में शामिल आरोपियों और उनके नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।