छत्तीसगढ़ी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता, गायक, पद्मश्री सम्मानित कलाकार एवं धरसींवा विधायक अनुज शर्मा को कला, संस्कृति और समाज के क्षेत्र में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए कीर्तिमान मीडिया द्वारा कीर्तिमान अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, भाषा और कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के लिए प्रदान किया गया।
कीर्तिमान मीडिया के संस्थापक डॉ. नीरज गजेंद्र ने कहा कि अनुज शर्मा केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान के सशक्त प्रतिनिधि हैं। उन्होंने अपने अभिनय, गायन और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से प्रदेश की कला और संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनका सम्मान छत्तीसगढ़ की उस सांस्कृतिक यात्रा का सम्मान है, जिसने क्षेत्रीय सिनेमा को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।
10 साल की उम्र से शुरू हुआ कला का सफर
15 मई 1976 को भाटापारा में जन्मे अनुज शर्मा ने मात्र 10 वर्ष की आयु में अभिनय और गायन की दुनिया में कदम रख दिया था। बचपन से ही कला के प्रति उनका गहरा लगाव था। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय निजी क्षेत्र में कार्य किया, लेकिन उनकी वास्तविक पहचान कला जगत में ही बनी।
मोर छइहा भुइयां से बने छॉलीवुड के स्टार
वर्ष 2000 में रिलीज हुई फिल्म ‘मोर छइहा भुइयां’ ने न केवल अनुज शर्मा के करियर को नई दिशा दी, बल्कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा के आधुनिक दौर की शुरुआत भी मानी गई। इस फिल्म की अभूतपूर्व सफलता ने प्रदेश में क्षेत्रीय फिल्मों के लिए नया बाजार तैयार किया और अनुज शर्मा घर-घर में लोकप्रिय हो गए। इसके बाद उन्होंने मया, मिस्टर टेकुराम, महूं दीवाना तहूं दीवानी, राजा छत्तीसगढ़िया, रंग रसिया, प्रेम के बंधना, दबंग दरोगा सहित अनेक सफल फिल्मों में अभिनय कर दर्शकों का दिल जीता। उनकी फिल्मों ने मनोरंजन के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोकजीवन को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।प्रदेश के पहले पद्मश्री फिल्म कलाकार
अनुज शर्मा को वर्ष 2014 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वे छत्तीसगढ़ से फिल्म और कला क्षेत्र में यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करने वाले पहले कलाकार बने। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय रही।
कला से राजनीति तक का सफल सफर
कला के क्षेत्र में लंबे समय तक योगदान देने के बाद अनुज शर्मा ने वर्ष 2023 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और धरसींवा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधायक बने। राजनीति में आने के बाद भी वे लगातार संस्कृति, कला और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।छत्तीसगढ़ की पहचान बने अनुज शर्मा
अनुज शर्मा की लोकप्रियता केवल एक अभिनेता तक सीमित नहीं है। वे छत्तीसगढ़ी भाषा, लोकसंस्कृति और कला के ऐसे प्रतिनिधि हैं जिन्होंने प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी आवाज, अभिनय और व्यक्तित्व ने लाखों लोगों को प्रभावित किया है। कीर्तिमान अवार्ड प्राप्त करने पर अनुज शर्मा ने इसे प्रदेश की जनता, अपने प्रशंसकों और कला जगत से जुड़े सभी साथियों का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और भाषा को आगे बढ़ाने का उनका प्रयास भविष्य में भी जारी रहेगा।
