छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में इन दिनों ठगों के हौसले बुलंद हैं। ठगी का एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां "कम समय में अमीर बनने और रकम को कई गुना बढ़ाने" का झांसा देकर शातिर ठगों ने एक बुजुर्ग व्यापारी को अपनी ठगी का शिकार बना लिया। ठगों ने बुजुर्ग को इस तरह अपने शब्दों के जाल में फंसाया कि व्यापारी उनके इरादों को भांप नहीं सका और पलक झपकते ही अपनी जीवनभर की कमाई के 2 लाख 50 हजार रुपये गंवा बैठा। यह पूरी वारदात बिलासपुर के व्यस्ततम तारबाहर थाना क्षेत्र की है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित बुजुर्ग व्यापारी मूल रूप से जांजगीर-चांपा के रोगदा का रहने वाला है और लहसुन-प्याज का कारोबार करता है। वह व्यापार के सिलसिले में बिलासपुर आया हुआ था।
पुलिस का मिशन इन्वेस्टिगेशन
दिनदहाड़े हुई इस बड़ी ठगी की वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ित बुजुर्ग व्यापारी ने तुरंत इसकी शिकायत तारबाहर थाने में दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन फौरन एक्शन मोड में आ गया। बिलासपुर पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने घटना स्थल और उसके आसपास के दर्जनों CCTV फुटेज खंगाले और संदिग्धों के सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) का बारीकी से तकनीकी विश्लेषण किया। इस पुख्ता वैज्ञानिक जांच के बाद पुलिस के हाथ ठगों के गिरेबान तक पहुंच गए।
दुर्ग के केलाबाड़ी में दबिश
दूसरा आरोपी अभी भी फरार
इस हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में बिलासपुर पुलिस को एक आरोपी को दबोचने में तो कामयाबी मिल गई है, लेकिन वारदात में शामिल उसका दूसरा मुख्य साथी अब भी कानून की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फरार आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी संभावित ठिकानों पर गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दूसरे आरोपी को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
