नेशनल हाईवे-53 पर स्थित डी-मार्ट के सामने शनिवार रात करीब 9 बजे उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में लोड CNG टैंकर से अचानक गैस का तेज रिसाव शुरू हो गया। टैंकर से निकल रही गैस की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के काफी दूर तक सुनाई दे रही थी। अचानक आई इस तेज आवाज को सुनकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए और उन्हें किसी बड़े धमाके की आशंका सताने लगी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। गैस का दबाव अधिक होने के कारण टैंकर से निकलने वाली आवाज लगातार तेज बनी हुई थी।
तेज आवाज से सहमे आसपास के लोग
सड़क के आसपास मौजूद लोगों ने जब स्थिति देखी तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों और पुलिस को दी।
CNG जैसी ज्वलनशील गैस के रिसाव की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। घटनास्थल के पास अस्पताल और मैरिज पैलेस होने के कारण किसी भी तरह की अनहोनी की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरती गई।
प्रशासन ने तुरंत संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एनएचएआई (NHAI) की टीम और एसडीआरएफ (SDRF) के जवान तत्काल मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा टीमों ने सबसे पहले घटनास्थल के आसपास लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया और क्षेत्र को सुरक्षित दूरी तक खाली कराया। दुर्घटनास्थल के बेहद करीब अस्पताल और मैरिज पैलेस होने के कारण प्रशासन ने किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया। हाईवे पर वाहनों की आवाजाही भी तत्काल रोक दी गई, ताकि रिसाव के दौरान किसी प्रकार की चिंगारी या अन्य जोखिम से बड़ा हादसा न हो।हाईवे पर लगा लंबा जाम
सुरक्षा कारणों से नेशनल हाईवे पर यातायात रोक दिए जाने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कुछ ही देर में हाईवे पर भीषण जाम की स्थिति बन गई। पुलिस और सुरक्षा बलों ने मौके पर मौजूद लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की अपील की। साथ ही वाहनों को भी सुरक्षित दूरी पर रोक दिया गया। प्रशासन का पूरा ध्यान पहले गैस रिसाव को नियंत्रित करने और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर रहा।
30 से 40 मिनट तक गैस का रिसाव
टैंकर से करीब 30 से 40 मिनट तक तेज आवाज के साथ गैस का रिसाव जारी रहा। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस, एनएचएआई और एसडीआरएफ की टीमों ने बेहद सावधानी के साथ हालात पर नजर बनाए रखी। गैस का दबाव कम होने और रिसाव थमने के बाद राहत एवं सुरक्षा टीम टैंकर के पास पहुंची। इसके बाद टैंकर के वाल्व को सुरक्षित तरीके से टाइट किया गया, जिससे दोबारा रिसाव की आशंका को नियंत्रित किया जा सके।


