प्रतापपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मदननगर गांव में पुलिस टीम पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने अब बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। 24 जुलाई को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया था। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अब 15 नामजद आरोपियों समेत करीब 100 से 150 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसमें पुलिसकर्मियों पर हमला करने, बलवा करने, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गई हैं।
5 आरोपियों की तलाश में पहुंची थी पुलिस
जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला प्रतापपुर थाना क्षेत्र के मदननगर गांव का है। 24 जुलाई को पुलिस टीम गांव में पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ आरोपी गांव में मौजूद हैं, जिसके बाद उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। लेकिन जैसे ही पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई करने लगी, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।
फरसा और टंगिया से पुलिस पर हमला
पुलिस के अनुसार, विरोध के दौरान ग्रामीणों ने अचानक पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हमलावरों के हाथों में लाठी-डंडे, फरसा और टंगिया जैसे धारदार हथियार थे। इस हमले में पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के दौरान SDOP समेत दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था। हमले की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी सक्रिय हो गए और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई |पुलिस टीम को बनाया गया था निशाना
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कानून व्यवस्था बनाए रखने और आरोपियों को गिरफ्तार करने गई टीम पर हमला करना गंभीर अपराध है। सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों की जान को खतरे में डालने की घटना को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस टीम पर हमला करने वाले सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज
घटना की जांच के बाद पुलिस ने 15 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इसके अलावा हमले में शामिल करीब 100 से 150 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य माध्यमों से आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। जिन लोगों ने पुलिस टीम पर हमला किया है, उन्हें जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय के सामने पेश किया जाएगा।पुलिस ने बढ़ाई सक्रियता
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। अलग-अलग टीमों को जांच और गिरफ्तारी की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगातार दबिश दे रही है। वहीं, घटना के बाद मदननगर गांव में पुलिस की नजर बनी हुई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर रख रहा है।
सख्त कार्रवाई के संकेत
मदननगर की घटना ने पुलिस सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि पुलिस टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच में और कितने लोगों के नाम सामने आते हैं और कब तक आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी हो पाती है।