Girls Hostel: सर्व अनुसूचित जाति समाज के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से मिलकर बताया कि अनुसूचित जाति प्री मैट्रिक कन्या छात्रावास गुड़रु पारा महासमुंद के पुराने भवन की जीर्णोद्धार कराने के लिए लाखों रुपए शासन से स्वीकृत हुआ। परंतु जिम्मेदार अधिकारी व कार्य एजेंसी की उदासीनता या लापरवाही से भवन की छत ढलाई करने के बजाय केवल पुट्टी रंग-रोगन व फर्श में टाइल्स,लेट बाथ में दरवाजा लगा कर गुणवताविहिन आधे अधूरे कार्य कराकर छोड़ दिया है। जिसके कारण भवन की समस्या ज्यों का त्यों बनी हुई है।
लेट-बाथ के दरवाजे भी टुटे
बारिश में छत से पानी टपक रही है इसलिए बारिश के दिन छत के नीचे बाल्टी रखकर छात्राएं गुजारा कर रही हैं। वहीं लेट बाथ के दरवाजे साल भर में ही टुट गई है। जिससे बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बालिका छात्रावास के लेट बाथ की दरवाजे टुटने के बाद भी मरम्मत नहीं कराना जिम्मेदार अधिकारी की उदासीनता को दर्शाती है। वहीं बच्चों के लिए खेल ग्राउंड का भी निर्माण नहीं किया गया है।
एजेंसी व ठेकेदार की हो सकती है मिलीभगत
मलबा को बराबर भर कर रख दिया है लेकिन उसके ऊपर रेत, मुरम या चेकर नहीं डाला है। सर्व अजा समाज के पदाधिकारियों ने मांग किया है कि इतनी बड़ी राशि स्वीकृती के बाद भी गुणवतापूर्ण मरम्मत कार्य नहीं कराया जाना जिम्मेदार अधिकारी व संबंधित निर्माण एजेंसी व ठेकेदार की मिलीभगत से भ्रष्टाचार की ओर इंगित करतीं हैं। जिसकी जांच कर दोषियों के ऊपर कार्यवाही करने व कलेक्टर को स्वयं जाकर निरीक्षण करने की निवेदन किया।अधिकारियों को निरीक्षण करने की मांग
साथ ही जिला के सभी छात्रावासों की राजस्व अधिकारियों के द्वारा सतत निरीक्षण कराने के लिए कहा गया है। प्रतिनिधि मंडल में सर्व अजा समाज के सलाहकार दिनेश बंजारे व सरंक्षक गण तुलेंद्र सागर, देवेन्द्र रौतिया, विजय बंजारे, जिलाध्यक्ष रेखराम बघेल सर्व अजा समाज, महासमुंद ब्लॉक अध्यक्ष टोमन सिंह कागजी, हीरा नेताम, राजेश रात्रे व अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।