दुनिया भर में शांति और सुरक्षा की स्थिति को मापने वाली प्रतिष्ठित रिपोर्ट ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 ने दक्षिण एशिया के लिए चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर पेश की है रिपोर्ट के अनुसार, इस साल दुनिया में शांति के स्तर में सबसे ज्यादा गिरावट दक्षिण एशिया में दर्ज की गई है। आंतरिक संघर्ष, सीमा विवाद, राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों के कारण इस क्षेत्र के अधिकांश देशों की स्थिति कमजोर हुई है इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण एशिया का औसत 2.3 प्रतिशत खराब हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह क्षेत्र दुनिया के सबसे अस्थिर क्षेत्रों में से एक बना हुआ है।
भारत की रैंकिंग में गिरावट
ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 में भारत 127वें स्थान पर पहुंच गया है सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि भारत अपने कई पड़ोसी देशों से भी पीछे रह गया है रिपोर्ट के अनुसार भूटान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों की स्थिति भारत से बेहतर रही है सीमा-पार तनाव, सुरक्षा चुनौतियां और कुछ आंतरिक संघर्ष भारत की रैंकिंग को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण रहे हैं।
भूटान शांतिपूर्ण देश
रिपोर्ट में भूटान को दक्षिण एशिया का सबसे शांतिपूर्ण देश बताया गया है। कम अपराध दर, राजनीतिक स्थिरता और सामाजिक शांति ने भूटान को क्षेत्र में शीर्ष स्थान दिलाया है भूटान पिछले कई वर्षों से क्षेत्र के सबसे सुरक्षित देशों में शामिल रहा है और इस बार भी उसने अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखी है।
श्रीलंका ने किया सुधार
श्रीलंका ने इस साल सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित किया देश ने ग्लोबल पीस इंडेक्स में उल्लेखनीय सुधार करते हुए 67वां स्थान हासिल किया है पिछले वर्ष की तुलना में यह बड़ी छलांग है आर्थिक संकट और राजनीतिक उथल-पुथल से बाहर निकलने के बाद श्रीलंका में स्थिरता बढ़ी है, जिसका असर उसकी रैंकिंग पर भी दिखाई दिया है।
बांग्लादेश ने भी भारत को पीछे छोड़ा
रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश की स्थिति भी भारत से बेहतर देश को राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी शांति और सुरक्षा के कई मानकों पर उसने भारत से बेहतर प्रदर्शन किया है।
नेपाल में तेज गिरावट
दक्षिण एशिया में सबसे चिंताजनक स्थिति नेपाल की रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि नेपाल ने दुनिया में शांति के स्तर में सबसे तेज गिरावट दर्ज करने वाले देशों में जगह बनाई है। राजनीतिक अस्थिरता और आंतरिक तनाव इसके प्रमुख कारण बताए गए हैं।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की स्थिति
पाकिस्तान की स्थिति में भी कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है और वह निचले पायदानों पर बना हुआ है। वहीं अफगानिस्तान को एक बार फिर दुनिया के सबसे कम शांतिपूर्ण देशों में शामिल किया गया है। लंबे समय से जारी संघर्ष और अस्थिरता वहां की सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
दुनिया में शांति का स्तर निचले स्तर पर
ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 के अनुसार दुनिया में शांति का स्तर अपने सबसे खराब दौर में पहुंच गया है। रिपोर्ट बताती है कि 99 देशों में पिछले एक वर्ष के दौरान शांति की स्थिति खराब हुई है। दुनिया में सक्रिय संघर्षों की संख्या बढ़ी है और कई देशों में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।
सुरक्षित देशों में यूरोप का दबदबा
रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के सबसे शांतिपूर्ण देशों की सूची में यूरोपीय देशों का दबदबा बना हुआ है उत्तरी और पश्चिमी यूरोप के कई देश लगातार शीर्ष स्थानों पर बने हुए हैं। मजबूत संस्थाएं, राजनीतिक स्थिरता और कम अपराध दर इन देशों की प्रमुख ताकत मानी जाती हैं।
ग्लोबल पीस इंडेक्स रिपोर्ट
ग्लोबल पीस इंडेक्स 163 देशों का मूल्यांकन 23 अलग-अलग मानकों के आधार पर करता है इनमें आंतरिक सुरक्षा, अपराध दर, आतंकवाद, राजनीतिक स्थिरता, सैन्यीकरण और बाहरी संघर्ष जैसे कारक शामिल होते हैं रिपोर्ट को दुनिया में शांति और सुरक्षा की स्थिति मापने वाले सबसे विश्वसनीय अध्ययनों में एक है।
