अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले कमजोर संकेतों के बीच शनिवार को भी सोने और चांदी की कीमतों में नरमी का रुख बना रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति, मजबूत डॉलर और वैश्विक निवेशकों की बदलती रणनीति का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। इससे पिछले कुछ दिनों से कीमती धातुओं के दाम दबाव में बने हुए हैं।
आज 24 कैरेट सोना करीब 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं चांदी की कीमतें भी फिसलकर 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई हैं।
प्रमुख शहरों में सोने का भाव
दिल्ली-एनसीआर में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1,46,480 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,39,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में 24 कैरेट सोना लगभग 1,49,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तथा 22 कैरेट सोना करीब 1,37,040 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
चेन्नई में सोने के दाम देश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में अधिक बने हुए हैं। यहां 24 कैरेट सोना करीब 1,52,170 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,39,490 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बिक रहा है।
चांदी के ताजा भाव
दिल्ली-एनसीआर में चांदी का भाव करीब 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम है। मुंबई और कोलकाता में यह लगभग 2,49,900 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। चेन्नई में चांदी सबसे महंगी बनी हुई है, जहां इसका भाव करीब 2,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
दिल्ली-एनसीआर में चांदी का भाव करीब 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम है। मुंबई और कोलकाता में यह लगभग 2,49,900 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। चेन्नई में चांदी सबसे महंगी बनी हुई है, जहां इसका भाव करीब 2,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
क्यों कमजोर पड़ रहे हैं सोना-चांदी?
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने के संकेत मिलने से निवेशकों का रुझान बॉन्ड और अन्य निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है। इससे सोने जैसी सुरक्षित लेकिन बिना ब्याज वाली संपत्तियों की मांग प्रभावित हुई है।
इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने से भी सोने की वैश्विक मांग पर असर पड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ने से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के बजाय इक्विटी बाजारों की ओर रुख किया है। यही वजह है कि हाल के दिनों में सोना और चांदी दोनों दबाव में बने हुए हैं।
बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और फेड की अगली नीति बैठक की दिशा तय करेगी कि सोने-चांदी में गिरावट जारी रहेगी या फिर कीमतों को नया सहारा मिलेगा।