धमतरी जिले के प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के सपनों को अब संसाधनों की कमी नहीं रोक पाएगी। जिला प्रशासन ने एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल करते हुए बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (बीसीएस कॉलेज) में "पहल" कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस योजना के तहत जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरी तरह निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के उद्देश्य से 'युवा' नामक विशेष पुस्तक का भी विमोचन किया गया।
वाओं के भविष्य को नई दिशा
कलेक्टर ने बताया भविष्य निर्माण की अहम पहल कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि यह पहल जिले के युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग संस्थानों में प्रवेश नहीं ले पाते।
प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग का शुभारंभ आदिवासी विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क कोचिंग
इस निःशुल्क कोचिंग के माध्यम से विद्यार्थियों की बुनियादी तैयारी मजबूत होगी, जिससे वे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। सफलता का मंत्र: अनुशासन, मेहनत और सही मार्गदर्शन कलेक्टर ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से मिलती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से पूरी निष्ठा और लगन के साथ तैयारी करने का आह्वान किया तथा इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने की सलाह दी।
विद्यार्थियों को निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएगी
कोचिंग से जुड़े सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क पुस्तकें और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। समय-समय पर टेस्ट आयोजित किए जाएंगे ताकि तैयारी का स्तर परखा जा सके। इसके साथ ही विद्यार्थियों के प्रदर्शन की लगातार समीक्षा की जाएगी और उनकी कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
शिक्षक रहे मौजूद कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, बीसीएस कॉलेज के प्राचार्य, उप संचालक पंचायत, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, सहायक संचालक कौशल विकास, जिले के युवा मार्गदर्शक, महाविद्यालय के प्राध्यापक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।