Hartalika Teej: हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला उपवास रखती हैं। धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी तपस्या की स्मृति में हरतालिका तीज का पर्व मनाया जाता है। आइए जानते हैं हरतालिका तीज के दिन किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
व्रत में अन्न और जल का सेवन न करें
हरतालिका तीज का मुख्य नियम ही इसका निर्जला होना है। एक बार जब आप व्रत का संकल्प ले लेती हैं, तो पूरे दिन और रात पानी या भोजन लेना सख्त मना होता है। हालांकि, अगर कोई महिला गर्भवती है या उसकी तबीयत ठीक नहीं है, तो वह पंडित जी या डॉक्टर की सलाह से फलाहार का रास्ता चुन सकती है। सामान्य स्थिति में बिना पानी के ही उपवास रखा जाता है।
दिन में सोने से बचें
तीज के दिन दोपहर में सोने की मनाही होती है। धार्मिक दृष्टि से इस दिन दिनभर और रात के समय जागकर भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा, आरती और भजन-कीर्तन करने का विधान है। ऐसा माना जाता है कि व्रत के दौरान सोने से मन की एकाग्रता टूटती है और पूजा का पूरा पुण्य नहीं मिलता।कपड़ों के रंग का रखें ध्यान
पूजा की तैयारी करते समय सही रंग के कपड़े चुनना बहुत जरूरी है। इस दिन काले, नीले या सफेद रंग के वस्त्र पहनने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें शुभ कार्यों में वर्जित माना गया है। हरतालिका तीज पर लाल, हरा, पीला या गुलाबी रंग पहनना सबसे शुभ माना जाता है। कपड़े पहनने के साथ ही मां पार्वती को पूरी श्रद्धा के साथ सुहाग की सामग्री (सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां आदि) जरूर अर्पित करें।

