हिरोशिमा–नागासाकी दिवस (6 अगस्त से 9 अगस्त) के अवसर पर शासकीय उच्च माध्यमिक शाला कसहीबाहरा में छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के तत्वावधान में परमाणु युद्धों के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत निबंध लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परमाणु युद्ध की भयावहता से परिचित कराते हुए शांति, सह-अस्तित्व और मानवता के मूल्यों के प्रति जागरूक करना था।
"हिरोशिमा–नागासाकी से सीख" तथा चित्रकला का विषय "परमाणु युद्ध के दुष्परिणाम" रखा गया। विद्यार्थियों ने अपने विचारों और चित्रों के माध्यम से युद्ध की विभीषिका तथा विश्व शांति की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
नागासाकी त्रासदी पर बनी फिल्म के ऑडियो सुनाए
गतिविधि प्रारंभ होने से पूर्व छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के प्रेस सचिव एवं संस्था प्रमुख हेमंत खुटे ने विद्यार्थियों को हिरोशिमा और नागासाकी की त्रासदी पर आधारित फिल्म के अंशों का ऑडियो सुनाया। इसके बाद उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिरोशिमा और नागासाकी की घटना मानव इतिहास की सबसे बड़ी चेतावनियों में से एक है। यह हमें सिखाती है कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।
विज्ञान का उपयोग शांति के लिए हो
विश्व के सभी देशों को परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने, शांति को बढ़ावा देने तथा मानवता की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए। आज की पीढ़ी यदि शांति का संदेश अपनाएगी, तभी भविष्य सुरक्षित और समृद्ध होगा। विज्ञान कार्यकर्ता एवं शिक्षिका तबस्सुम शेख ने अपने उद्बोधन में कहा कि विज्ञान का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना है, विनाश का माध्यम बनना नहीं। विज्ञान का उपयोग सदैव मानव कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और विश्व शांति के लिए होना चाहिए।अपने जीवन को दे सकारात्मक दिशा
शिक्षक दिलीप कुमार पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि हिरोशिमा और नागासाकी की त्रासदी हमें यह संदेश देती है कि संवाद, सहयोग और आपसी विश्वास ही किसी भी विवाद का सबसे प्रभावी समाधान है। विद्यार्थियों को शांति, भाईचारे और अहिंसा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाकर समाज को सकारात्मक दिशा देनी चाहिए। निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कुलदीप पटेल (कक्षा 6वीं), द्वितीय स्थान शुभम विश्वकर्मा (कक्षा 8वीं) तथा तृतीय स्थान दुष्यंत यादव (कक्षा 7वीं) ने प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम ललिता ध्रुव ( कक्षा 6 वीं ) द्वितीय भोमेश पटेल (कक्षा 8 वीं) एवं तृतीय शुभम विश्वकर्मा (कक्षा 8 वीं) रहे।
15 अगस्त को किया जाएगा सम्मानित
सभी विजेता विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा की ओर से प्रोत्साहन स्वरूप ड्राइंग बुक एवं ड्राइंग किट प्रदान की गई। साथ ही घोषणा की गई कि सभी प्रतिभागियों एवं विजेताओं को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर प्रमाण-पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से "युद्ध नहीं, शांति चाहिए" का संकल्प लेते हुए विश्व शांति, मानवता और परमाणु हथियार मुक्त विश्व के निर्माण का संदेश दिया।