दुनियाभर में हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं और इसी बीच एक नई रिसर्च ने एक्सरसाइज को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है। हाल ही में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में दावा किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति सप्ताह में 560 से 610 मिनट यानी लगभग 9 से 10 घंटे तक मध्यम या तेज शारीरिक गतिविधि करता है, तो उसके हृदय रोगों का खतरा 30 प्रतिशत से अधिक तक कम हो सकता है। यह आंकड़ा मौजूदा वैश्विक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों से लगभग चार गुना ज्यादा है।
क्या कहती है नई रिसर्च
यह अध्ययन ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है। रिसर्च में 17 हजार से ज्यादा लोगों के स्वास्थ्य और फिटनेस डेटा का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों की शारीरिक गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए विशेष फिटनेस डिवाइस का इस्तेमाल किया और करीब 8 वर्षों तक उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी। अध्ययन में पाया गया कि जो लोग वर्तमान विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO की सिफारिश के अनुसार सप्ताह में 2.5 घंटे एक्सरसाइज करते थे, उनमें हृदय रोगों का खतरा लगभग 8 से 9 प्रतिशत तक कम हुआ। लेकिन जिन लोगों ने 9 से 10घंटे तक एक्सरसाइज की, उनमें यह जोखिम 30 प्रतिशत से अधिक तक घट गया।
2.5 घंटे जरूरी
वर्तमान में WHO और कई स्वास्थ्य संस्थाएं वयस्कों को हर सप्ताह कम से कम 2.5 घंटे मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज या 75 मिनट तेज एक्सरसाइज करने की सलाह देती हैं। इसमें तेज चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना, तैराकी या खेल गतिविधियां शामिल हैं। यह “न्यूनतम सुरक्षित स्तर” माना जाता है, यानी इससे स्वास्थ्य लाभ शुरू होते हैं। लेकिन नई रिसर्च यह संकेत देती है कि यदि कोई व्यक्ति इससे ज्यादा सक्रिय रहता है तो हृदय को और अधिक सुरक्षा मिल सकती है।
फिटनेस लेवल
अध्ययन का एक अहम निष्कर्ष यह भी रहा कि जिन लोगों की कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस कम थी, उन्हें समान लाभ पाने के लिए ज्यादा एक्सरसाइज करनी पड़ी। शोध के अनुसार कम फिट लोगों को हृदय रोग जोखिम में 20 प्रतिशत कमी लाने के लिए लगभग 6 घंटे साप्ताहिक गतिविधि करनी पड़ी, जबकि ज्यादा फिट लोगों को इसके लिए करीब 5 घंटे ही पर्याप्त है।
क्या 10 घंटे एक्सरसाइज जरूरी है
इस अध्ययन को महत्वपूर्ण बताया है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि आम लोगों के लिए हर सप्ताह 10 घंटे एक्सरसाइज करना हमेशा व्यावहारिक नहीं हो सकता। कुछ कार्डियोलॉजिस्ट और फिटनेस विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को इस अध्ययन को गलत तरीके से नहीं समझना चाहिए। 2.5 घंटेकी सिफारिश अब भी बेहद महत्वपूर्ण और लाभकारी है। उनका कहना है कि “जितनी ज्यादा गतिविधि, उतना ज्यादा फायदा” लेकिन हर व्यक्ति को अपनी उम्र, फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार लक्ष्य तय करना चाहिए।
कौन-कौन सी गतिविधियां फायदेमंद
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए केवल जिम जाना जरूरी नहीं है। रोजमर्रा की कई गतिविधियां भी इसमें मदद कर सकती हैं, जैसे:-
- तेज चलना
- साइकिल चलाना
- सीढ़ियां चढ़ना
- तैराकी
- डांस
- रनिंग
- योग और कार्डियो वर्कआउट
- खेल गतिविधियां
रिसर्च में यह भी कहा गया कि लगातार बैठे रहने की आदत हृदय के लिए बड़ा खतरा बन रही है। इसलिए दिनभर में छोटे-छोटे मूवमेंट भी जरूरी हैं।
हृदय रोग
विश्व स्तर पर खराब खानपान, तनाव, मोटापा, धूम्रपान, शराब, नींद की कमी और शारीरिक निष्क्रियता के कारण हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार नियमित व्यायाम केवल हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम नहीं करता, बल्कि ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, वजन और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।
धीरे-धीरे बढ़ाएं एक्सरसाइज
अचानक बहुत ज्यादा एक्सरसाइज शुरू करना नुकसानदायक हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय से निष्क्रिय रहे हैं। वे सलाह देते हैं कि शुरुआत 20 से 30 मिनट की हल्की गतिविधि से करें और धीरे-धीरे समय और तीव्रता बढ़ाएं। रिसर्चर्स का मानना है कि भविष्य में एक्सरसाइज गाइडलाइंस को अधिक व्यक्तिगत बनाया जा सकता है। यानी हर व्यक्ति की फिटनेस, उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग लक्ष्य तय किए जा सकते हैं।
संतुलन और निरंतरता सबसे जरूरी
सबसे महत्वपूर्ण बात नियमितता है। यदि कोई व्यक्ति रोज थोड़ा-थोड़ा सक्रिय रहता है, तो वह लंबे समय में हृदय को बेहतर सुरक्षा दे सकता है। नई रिसर्च भले ही ज्यादा एक्सरसाइज के बड़े फायदे दिखाती हो, लेकिन डॉक्टरों का साफ कहना है कि “कुछ करना, कुछ न करने से हमेशा बेहतर है।”
