मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। अपनी लापता भैंस की तलाश में निकले एक आदिवासी किसान की जंगली भालू के हमले में मौत हो गई। शाम के धुंधलके में किसान ने दूर से दिखाई दे रहे भालू को अपनी भैंस समझ लिया और उसके पास पहुंच गया। कुछ ही पलों में यह भ्रम उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गया। भालू ने अचानक हमला कर दिया और काफी देर तक चले संघर्ष के बाद किसान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
दो दिनों से लापता थी भैंस तलाश में निकला
देर शाम का समय था और धीरे-धीरे अंधेरा छाने लगा था। इसी दौरान सोनसाय को दूर एक काले रंग का भारी-भरकम जानवर अपनी ओर आता दिखाई दिया। कम रोशनी और दूरी के कारण उन्हें लगा कि शायद उनकी लापता भैंस लौट रही है। अपनी भैंस मिलने की उम्मीद में वह बिना किसी डर के उस जानवर की ओर बढ़ गए। उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि सामने एक जंगली भालू खड़ा है।
किसान और भालू के बीच संघर्ष चलता रहा
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, किसान और भालू के बीच कुछ समय तक संघर्ष चलता रहा। सोनसाय लगातार लाठी से भालू को भगाने की कोशिश करते रहे, लेकिन जंगली जानवर के सामने उनका प्रयास नाकाफी साबित हुआ। भालू ने उनके सिर और शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर हमला किया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए। अत्यधिक खून बहने के कारण उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
भालू को लेकर ग्रामीनों में चिंता
इस दर्दनाक हादसे के बाद महरोई गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं वन क्षेत्र से लगे गांवों के लोग भी डरे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में जंगली भालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहरा गई है। लोगों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने, ग्रामीणों को सतर्क करने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।