स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने लोकभवन में नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड, रायपुर द्वारा संचालित प्रेरणा गुरुकुलम विद्या पीठम की नेत्रहीन छात्राओं को स्मार्ट स्टिक प्रदान की। यह स्मार्ट स्टिक छात्राओं के लिए सुरक्षित और आत्मनिर्भर आवागमन में उपयोगी साबित होगी। इससे उन्हें रास्ते में आने वाली बाधाओं को पहचानने और अधिक सहजता से आने-जाने में मदद मिलेगी।
आत्मनिर्भर आवागमन में मिलेगी मदद
स्मार्ट स्टिक के माध्यम से नेत्रहीन छात्राओं को रोजमर्रा के आवागमन में अधिक सुविधा और सुरक्षा मिलेगी। तकनीक आधारित यह उपकरण उन्हें दूसरों पर निर्भरता कम करते हुए आत्मविश्वास के साथ अपने गंतव्य तक पहुंचने में सहायता करेगा। इससे छात्राओं के लिए शिक्षा और अन्य गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी आसान होगी।

प्रथम महिला और राज्यपाल के सचिव रहे मौजूद
कार्यक्रम में राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी तथा राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना भी उपस्थित रहे। इस दौरान छात्राओं को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी गईं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में दिव्यांग विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने पर जोर दिया गया।
दिव्यांगजनों को समान अवसर देना जिम्मेदारी
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि दिव्यांगजनों को समान अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए और इसके लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।
तकनीक से जीवन होगा सुगम और सुरक्षित
राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग नेत्रहीन विद्यार्थियों के जीवन को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। स्मार्ट स्टिक जैसे उपकरण न केवल आवागमन को आसान बनाते हैं, बल्कि दिव्यांग विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने ऐसे प्रयासों को लगातार आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
शिक्षा और आत्मविश्वास के साथ बढ़ने की प्रेरणा
राज्यपाल ने छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां किसी की प्रतिभा और सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। छात्राएं मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपने लिए बेहतर भविष्य का निर्माण करें।


