INDIA Alliance: राजधानी दिल्ली में पिछले तीन दिनों से जारी राजनीतिक घमासान के बीच विपक्षी गोलबंदी और तेज हो गई है। वोट चोरी के गंभीर आरोपों को लेकर सड़कों पर उतर प्रदर्शन कर रहे 'INDIA' गठबंधन के 10 प्रमुख नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने और पूरे मामले में राष्ट्रपति से तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।
राष्ट्रपति ने मांगे सबूत, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट पर धरने की तैयारी
राष्ट्रपति भवन से बाहर आने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों और वोट चोरी की आशंकाओं को खारिज नहीं किया है। राहुल गांधी ने कहा, "राष्ट्रपति जी ने हमसे इस मामले से जुड़े ठोस दस्तावेज और सबूत मांगे हैं। हमारी टीम ने अब तक जो भी साक्ष्य जुटाए हैं, उन्हें जल्द ही राष्ट्रपति भवन को सौंप दिया जाएगा।"
इसके साथ ही विपक्ष ने अपने आंदोलन को और धार देने का ऐलान किया है। खबर है कि आगामी सोमवार को INDIA ब्लॉक के शीर्ष नेता इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर धरना देने की योजना बना रहे हैं।
पीएम, गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधे आरोप
पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र को कमजोर करने की एक संगठित कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि अलग-अलग राज्यों में हुए चुनावों में किस तरह गड़बड़ी की गई। राहुल गांधी के मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है और इस पूरे घटनाक्रम में चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध है।
चार दिनों से जारी है विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष पिछले कई दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है:
6 अक्टूबर: विपक्षी नेताओं ने निर्वाचन आयोग (ECI) मुख्यालय की ओर मार्च निकाला, जिसे पुलिस ने ट्रांसपोर्ट भवन के पास रोक दिया। इसके बाद नेताओं ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। इस दौरान राहुल गांधी समेत कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में भी लिया गया था।
7 अक्टूबर: नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन भारी पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।
8 अक्टूबर: विपक्ष ने कनॉट प्लेस से राजघाट तक पैदल मार्च निकाला और महात्मा गांधी की समाधि के समीप शांतिपूर्ण धरना दिया।
9 अक्टूबर: संसद के सेंट्रल हॉल में एकजुट होकर सांसदों ने विजय चौक तक मार्च किया। इसके तुरंत बाद राहुल गांधी की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन पहुंचा।







