India Iran Relations: PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन की मुलाकात, ब्रिक्स समिट में भारत ने दिखाई संतुलित कूटनीति
India Iran Relations: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, समुद्री सुरक्षा और मध्य पूर्व में शांति जैसे मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान भारत ने अपनी संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति को एक बार फिर सामने रखा।
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कीर्तिमान न्यूज
12 Sep 2026, 10:03 AM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
India Iran Relations: वैश्विक कूटनीति के मंच पर भारत एक बार फिर अपनी मजबूत स्थिति और संतुलित विदेश नीति का लोहा मनवा रहा है। राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के सिलसिले में दुनिया के 11 प्रमुख देशों के शीर्ष नेता भारत पहुंचे हैं। इसी कूटनीतिक हलचल के बीच 11 सितंबर को दोपहर करीब 2 बजे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन नई दिल्ली पहुंचे, जहाँ शाम 6 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच दिखा आत्मीय भाव और गर्मजोशी सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
मध्य पूर्व में तनाव के बीच कूटनीतिक संदेश
पीएम मोदी द्वारा राष्ट्रपति पेजेश्कियन का हाथ थामे ली गई तस्वीर इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है। इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष और मध्य पूर्व (Middle East) के बिगड़ते हालातों के बीच पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की इस मुलाकात पर दुनिया भर की नजरें टिकी थीं। भारत का यह रुख उसकी स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। एक तरफ जहां भारत के इजरायल के साथ प्रगाढ़ और रणनीतिक संबंध हैं, वहीं दूसरी तरफ ब्रिक्स के इस मंच से भारत ने ईरान के साथ भी अपने मजबूत और पुराने रिश्तों का मुस्तैदी से प्रदर्शन किया है।
PM मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियनआर्थिक संकट से जूझ रहे ईरान के लए मुलाकात अहम
खास बात यह है कि बीते महज एक हफ्ते के भीतर दोनों शीर्ष नेताओं की यह दूसरी आमने-सामने की मुलाकात है। इससे पहले 31 अगस्त को किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में भी दोनों के बीच बातचीत हुई थी। आर्थिक संकट और रणनीतिक दबावों से जूझ रहे ईरान के लिए ब्रिक्स समिट के दौरान हुई यह मुलाकात कूटनीतिक दृष्टि से काफी अहम मानी जा रही है।
इन प्रमुख मुद्दों पर बनी सहमति
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे समेत कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
कूटनीति और शांति पर जोर: प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी विवाद का हल युद्ध नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीतिक रास्तों से ही संभव है।
समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति: बैठक में 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) में जहाजों की निर्बाध आवाजाही (Navigation) और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Energy Supply Chain) की सुरक्षा को लेकर अहम चर्चा हुई।
व्यापारिक संबंधों में मजबूती: दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को नए स्तर पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
ईरान का आभार: चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद ब्रिक्स सम्मेलनों में ईरान की उच्चस्तरीय और सक्रिय भागीदारी के लिए पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पेजेश्कियन का धन्यवाद किया।