कुत्तों के झुंड से बढ़ी दहशत
कई इलाकों में कुत्तों के झुंड से दहशत सेंधवा शहर के नलेपार, सुदामा कॉलोनी, निवाली रोड, नया बस स्टैंड, पुराना एबी रोड, किला परिसर और वरला रोड सहित कई क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुत्तों के झुंड अक्सर सड़कों पर घूमते रहते हैं और राहगीरों, बच्चों तथा बुजुर्गों पर हमला कर देते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। अचानक सड़क पर आने वाले कुत्तों के कारण कई बार दुर्घटना की स्थिति बन जाती है। लगातार बढ़ रही घटनाओं के चलते लोगों में भय का माहौल है।
गंदगी और बदबू से लोग परेशान
बदबू और गंदगी से परेशान रहवासी आवारा मवेशियों के कारण शहर में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। सड़कों पर बैठे मवेशियों के साथ गंदगी और बदबू की समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कुछ रहवासियों का कहना है कि घरों के आसपास फैली गंदगी और दुर्गंध के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि कई लोग बदबू और मक्खी-मच्छरों से बचने के लिए घरों में कूलर तक उल्टी दिशा में चलाने को मजबूर हैं। लोगों ने नगर पालिका से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है।
शिकायतों के बाद भी नहीं थमा आतंक
अस्पताल में लगातार पहुंच रहे डॉग बाइट के मरीज सेंधवा सिविल अस्पताल के डॉक्टर रोहित धाकड़ ने बताया कि पिछले दो दिनों में 20 से अधिक लोग कुत्ते के काटने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। वहीं, पिछले दो महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो डॉग बाइट के मामलों की संख्या 730 से ज्यादा हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों ने शहर में बढ़ती समस्या की गंभीरता को सामने ला दिया है। शिकायतों के बाद भी कार्रवाई में देरी का आरोप स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि आवारा कुत्तों और मवेशियों को लेकर कई बार नगर पालिका में शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।डॉग बाइट के बाद जागा प्रशासन
लोगों का कहना है कि प्रशासन को केवल अभियान चलाने के बजाय समस्या के स्थायी समाधान पर ध्यान देना चाहिए। नगर पालिका ने शुरू की कार्रवाई मामला सामने आने के बाद नगर पालिका सेंधवा की सीएमओ मधु चौधरी ने बताया कि सिविल अस्पताल से मिली जानकारी के आधार पर विशेष टीमों का गठन किया गया है। शहर में आवारा कुत्तों और मवेशियों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अब देखने वाली बात होगी कि नगर पालिका की यह कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित होती है और सेंधवा के लोगों को इस समस्या से कब तक राहत मिल पाती है।

