शहर में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों की संख्या और उनसे जुड़ी समस्याओं को देखते हुए रांची नगर निगम ने उनके नियंत्रण और बेहतर प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम की ओर से बड़गाई क्षेत्र में 20.2 डिसमिल जमीन पर पशु आश्रय सह जन्म नियंत्रण केंद्र बनाने की योजना तैयार की गई है। इस केंद्र में आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के साथ उनके इलाज तथा अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। निगम का मानना है कि केंद्र के संचालन से शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और लोगों को कुत्तों के हमले सहित उनसे जुड़ी दूसरी परेशानियों से भी राहत मिल सकेगी।
नगर आयुक्त ने किया स्थल निरीक्षण
नगर आयुक्त ने प्रस्तावित स्थल का किया निरीक्षण सुशांत गौरव ने नगर निगम की टीम और संबंधित अधिकारियों के साथ बड़गाई में प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जमीन की उपलब्धता, निर्माण से जुड़ी तैयारियों और केंद्र में विकसित की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्माण कार्य की योजना व्यवस्थित तरीके से तैयार करने और जरूरी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
आवारा कुत्तों की होगी नसबंदी और टीकाकरण
आवारा कुत्तों की होगी नसबंदी पशु आश्रय सह जन्म नियंत्रण केंद्र शुरू होने के बाद शहर के अलग-अलग इलाकों से आवारा कुत्तों को पकड़कर यहां लाया जाएगा। केंद्र में निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनकी नसबंदी की जाएगी और रेबीज सहित जरूरी बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। बीमार या घायल कुत्तों को आवश्यक उपचार देने की व्यवस्था भी केंद्र में किए जाने की योजना है।कुत्तों को मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ देखभाल की भी होगी व्यवस्था नए केंद्र को केवल नसबंदी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि यहां कुत्तों के स्वास्थ्य की निगरानी और आवश्यक देखभाल की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। किसी आवारा कुत्ते के बीमार या घायल पाए जाने पर उसे जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। टीकाकरण के जरिए रेबीज जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।