छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के बागोड़ गांव में कुत्तों के बढ़ते आतंक को देखते हुए ग्रामीणों ने एक अनोखा फैसला लिया है। अब अगर किसी पालतू कुत्ते ने किसी राहगीर या ग्रामीण को काटकर घायल किया, तो उसके मालिक पर ₹5000 का अर्थदंड लगाया जाएगा। गांव वालों ने यह निर्णय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैठक में लिया है।
कुत्तों के काटने के कई मामले आए सामने
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से गांव में कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अब तक 4 से 5 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं। 10 जुलाई को वार्ड पंच रंजीता सलाम की 8 वर्षीय बेटी को एक पालतू कुत्ते ने काट लिया था। इसके अगले ही दिन रमशीला कुरेटी भी उसी कुत्ते के हमले में घायल हो गईं। इससे पहले करीब 15 दिन पहले एक बुजुर्ग और 10 वर्षीय बच्चे को भी कुत्ते ने काटा था। वहीं, करीब 5 महीने पहले भी एक बच्चे के साथ ऐसी घटना सामने आई थी।
आवारा और पालतू कुत्तों से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आवारा कुत्तों के साथ-साथ कुछ पालतू कुत्ते भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। कुछ समय पहले जिस कुत्ते ने लोगों को काटा था, उसके रेबीज संक्रमित होने की बात सामने आई थी। इसके बाद से गांव में बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बैठक कर फैसला लिया कि जिन लोगों ने घरों में कुत्ते पाल रखे हैं, वे उन्हें खुले में न छोड़ें और सुरक्षित तरीके से बांधकर रखें। अगर किसी पालतू कुत्ते से किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचता है, तो उसके मालिक से ₹5000 का जुर्माना वसूला जाएगा।
पशु विभाग ने किया कुत्तों का वैक्सीनेशन
ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर पशु विभाग को भी सूचना दी और गांव में टीकाकरण शिविर लगाने की मांग की। इसके बाद विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर करीब 7 से 9 कुत्तों का वैक्सीनेशन किया। हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार गांव में अभी भी 20 से अधिक कुत्ते हैं और कई पालतू कुत्तों का टीकाकरण नहीं हुआ है। ग्रामीणों का मानना है कि यह फैसला लोगों को सतर्क करेगा और पशुपालक अपने कुत्तों की जिम्मेदारी समझेंगे। समय पर वैक्सीनेशन और उचित देखभाल से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।