Indian Air Force: आज गूंजेगी सारंग की गर्जना, एयरफोर्स के स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टरों का रोमांचक शो, जानिए समय और पूरी डिटेल
Indian Air Force: रायपुर में 30 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम फ्लाई-पास्ट और रिहर्सल करेगी। दोपहर 12:20 से 12:45 बजे तक शहर के आसमान में हेलीकॉप्टरों की रोमांचक उड़ान देखने को मिलेगी। वहीं, 2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में राज्योत्सव के अवसर पर भव्य एयर शो आयोजित किया जाएगा।
Indian Air Force: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के आसमान में आज (30 अक्टूबर) एक बेहद रोमांचक और गर्व से भर देने वाला नजारा देखने को मिलने वाला है। भारतीय वायुसेना की
प्रसिद्ध ‘सारंग’ (Sarang) हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम आज रायपुर के ऊपर उड़ान भरेगी। अगर आप भी इस अद्भुत नजारे के गवाह बनना चाहते हैं, तो अपनी छतों या बालकनी पर नजरें टिकाए रखिए।
जानिए कब और कहां दिखेगा नजारा?
वायुसेना के ये जांबाज हेलीकॉप्टर आज दोपहर 12:20 बजे से 12:45 बजे के बीच शहर के ऊपर से गुजरेंगे। राजधानीवासी अपने घरों की छतों और खुली जगहों से इन स्वदेशी मशीनों को आसमान में कलाबाजी करते हुए साफ देख सकेंगे। दरअसल, आगामी राज्योत्सव के सिलसिले में
2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में सारंग टीम का भव्य एयर शो होने वाला है। उसी मुख्य आयोजन से पहले आज रायपुर शहर के आसमान में यह रिहर्सल और फ्लाई-पास्ट लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा।
क्यों खास है वायुसेना की ‘सारंग’ टीम?
भारतीय वायुसेना की सारंग टीम पूरी दुनिया में अपनी बेजोड़ कलाबाजियों और बेहतरीन तालमेल के लिए जानी जाती है। इस टीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) 'ध्रुव' का इस्तेमाल करती है।
- गौरवशाली इतिहास: इस टीम का गठन साल 2003 में हुआ था। इसके ठीक बाद, फरवरी 2004 में सिंगापुर के मशहूर 'एशियन एयरोस्पेस एयर शो' में इस टीम ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी ताकत का लोहा मनवाया था। तब से लेकर अब तक यह टीम देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी कई बड़े एयर शो में भारत का मान बढ़ा चुकी है।
पहचान और डिजाइन: सारंग टीम के इन हेलीकॉप्टरों पर भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित रंग और डिजाइन उकेरे गए हैं, जो दूर से ही बेहद आकर्षक और भव्य दिखते हैं।
आसमान में क्या-क्या करतब दिखाएगी टीम?
सारंग टीम के बेड़े में आमतौर पर 5 हेलीकॉप्टर शामिल होते हैं, जिनमें से 4 मुख्य प्रदर्शन करते हैं और पांचवें को हमेशा बैकअप के रूप में रखा जाता है। जब ये आसमान में उतरते हैं, तो हवा में किसी कलाकृति की तरह एक साथ आगे बढ़ते हैं।
फॉर्मेशन फ्लाइंग: टीम का सबसे बड़ा आकर्षण फॉर्मेशन फ्लाइंग होता है, जहां सभी हेलीकॉप्टर आपस में एक निश्चित और बेहद सटीक दूरी बनाए रखते हुए उड़ान भरते हैं।
हवाई आकृतियां: पलक झपकते ही दिशा बदलना, तेजी से आसमान की ऊंचाइयों की ओर जाना और फॉर्मेशन बदलते हुए अद्भुत आकृतियां बनाना पायलटों के असाधारण कौशल को दर्शाता है। इसमें गति, दिशा और आपसी तालमेल का एक सेकंड का भी अंतर नहीं होना चाहिए।
हाल ही में हुई हाई-लेवल मुलाकात
इस बड़े आयोजन से ठीक पहले, गुरुवार को लोक भवन में एक महत्वपूर्ण मुलाकात भी हुई। एयर कमोडोर-एयर ऑफिसर कमांडिंग (हेडक्वार्टर एंटी नक्सल टास्क फोर्स) नंदा कुमार बाला ने राज्यपाल रमेन डेका से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान कैप्टन वैभव विशाल, ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार, सीडीआर प्रियांशु, स्क्वाड्रन लीडर अंकिता सिंह, स्क्वाड्रन लीडर विनय पाठक, लेफ्टिनेंट शशांक और लेफ्टिनेंट साई अक्षय सहित वायुसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी और अधिकारीगण मौजूद रहे। तो दोपहर के ठीक सवा बारह बजे तैयार हो जाइए, अपने कैमरे और फोन निकाल लीजिए—क्योंकि आज रायपुर का आसमान भारतीय वायुसेना के शौर्य और तकनीकी महारत की एक नई दास्तान लिखने जा रहा है!