Indian Air Force: अब ब्रिटेन के आसमान में ब्रिटिश फाइटर पायलटों को तराशेंगे भारत के फ्लाइंग मास्टर्स
Indian Air Force: आजादी के बाद पहली बार भारतीय वायुसेना के तीन अनुभवी लड़ाकू पायलट ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स में ट्रेनर के रूप में तैनात किए गए हैं। ये अधिकारी RAF वैली बेस पर ब्रिटिश फाइटर पायलटों को BAE हॉक T2 जेट की एडवांस फ्लाइंग ट्रेनिंग देंगे। यह कदम भारत और ब्रिटेन के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग और सैन्य साझेदारी को दर्शाता है।
Indian Air Force: भारतीय सैन्य इतिहास के पन्नों में एक नया और बेहद गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। आजादी के बाद पहली बार भारतीय वायुसेना (IAF) के तीन अनुभवी लड़ाकू पायलटों को ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स (RAF) में बतौर ट्रेनर तैनात किया गया है। 1932 में अंग्रेजों द्वारा भारत में
वायुसेना की नींव रखने के करीब 90 साल बाद यह ऐतिहासिक मोड़ आया है, जहां अब भारतीय जांबाज ब्रिटिश पायलटों को आसमान की बारीकियां सिखाएंगे। वेल्स स्थित RAF वैली बेस पर पहुंचे ये तीनों अधिकारी 'क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर' (QFI) हैं।
एडवांस फ्लाइंग का प्रशिक्षण
शुरुआत में इनकी तैनाती दो साल के लिए की गई है। स्क्वाड्रन लीडर रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व में गई यह टीम ब्रिटेन के भावी फाइटर पायलटों को BAE हॉक T2 जेट पर एडवांस फ्लाइंग का प्रशिक्षण देगी। गौरतलब है कि हॉक T2 वही आधुनिक
ट्रेनर एयरक्राफ्ट है, जिस पर महारत हासिल करने के बाद पायलट बेहद तेज और घातक फ्रंटलाइन जेट्स उड़ाने के काबिल बनते हैं। भारतीय वायुसेना ने इस उपलब्धि को भारत और ब्रिटेन के मजबूत होते रक्षा संबंधों की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
सैन्य प्रशिक्षण में साझेदारी की सहमति
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तीनों पायलटों की तस्वीर साझा करते हुए IAF ने लिखा कि यह कदम दोनों देशों की सेनाओं के बीच साझा समझ, पेशेवर उत्कृष्टता और आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह पूरी योजना इस साल फरवरी में नई दिल्ली में हुई 19वीं 'UK-इंडिया एयर स्टाफ बातचीत' का हिस्सा है, जहां दोनों देशों ने सैन्य प्रशिक्षण में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई थी। समझौते के मुताबिक, ब्रिटेन में रहते हुए ये भारतीय अफसर प्रशासनिक रूप से IAF कमांड के तहत ही रहेंगे, लेकिन ट्रेनिंग गतिविधियों के संचालन के लिए वे RAF के कमांडरों के निर्देश पर काम करेंगे।
ब्रिटेन की तीनों सेनाओं की अकादमियों में गूंज रही भारतीय अफसरों की धमक
दिलचस्प बात यह है कि यह बदलाव केवल वायुसेना तक सीमित नहीं है। ब्रिटेन की तीनों प्रमुख सैन्य अकादमियों में भारतीय रक्षा बलों का परचम लहरा रहा है:
रॉयल एयर फोर्स कॉलेज (क्रैनवेल): जनवरी 2026 में भारतीय वायुसेना के एक अफसर को यहां RAF के भावी अफसरों को तराशने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
रॉयल मिलिट्री अकादमी (सैंडहर्स्ट): मई 2025 से भारतीय थल सेना के एक अधिकारी यहां ब्रिटिश आर्मी कैडेट्स को ट्रेनिंग दे रहे हैं।
ब्रिटानिया रॉयल नेवल कॉलेज (डार्टमाउथ): मई 2024 से भारतीय नौसेना के एक अफसर यहां ब्रिटिश नेवी के भावी कप्तानों को मार्गदर्शन दे रहे हैं।
ब्रिटेन के ट्रेनिंग सेंटरों में भारतीय इंस्ट्रक्टर्स की यह मौजूदगी दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर भारतीय सशस्त्र बलों के अनुभव, अनुशासन और सामरिक क्षमता का लोहा माना जा रहा है। कभी ब्रिटिश हुकूमत से अपनी वायुसेना की शुरुआत करने वाला भारत, आज उसी ब्रिटेन के भावी पायलटों का मार्गदर्शन कर रहा है।