शहर के पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक धरोहरों के संवर्धन के उद्देश्य से स्वाध्याय केंद्र समिति द्वारा संचालित 'अविरल सितली-निर्मल सितली' अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। अभियान के तहत शुक्रवार सुबह सितली नाला में लोगों ने श्रमदान कर साफ-सफाई अभियान चलाया। नाला क्षेत्र से मिट्टी-कचरे की सफाई करते हुए इसे स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने का संकल्प लिया। अभियान से जुड़े लोगों ने बताया कि सितली नाला केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि महासमुंद शहर की प्राकृतिक पहचान भी है। इसे स्वच्छ एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए अब नियमित रूप से प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8 बजे तक श्रमदान किया जाएगा।
नाला के किनारों पर वृहद रूप से पौधरोपण
अभियान में हर दिन शहर के विभिन्न वर्गों के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और पर्यावरण प्रेमियों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि यह जनआंदोलन का रूप ले सके। रविवार को गुजराती समाज द्वारा पौधरोपण किया जाएगा। अभियान से जुड़े पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने बताया कि आगामी दिनों में सितली नाला के दोनों किनारों पर वृहद स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न समाजों, सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और नागरिकों से संपर्क कर जनभागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उनका कहना है कि अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता से यह क्षेत्र आने वाले समय में हरियाली से आच्छादित होगा और पर्यावरण संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।
आसपास के लोगों को मिलेगी सुविधा
उन्होंने बताया कि जनसहयोग से सितली नाला क्षेत्र में मंदिर एवं पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है। सितली नाला में पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। पुल बनने के बाद बागबाहरा रोड की ओर से भी इस क्षेत्र तक लोगों की आवाजाही आसान हो जाएगी, जिससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी सुविधा मिलेगी। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि समिति का लक्ष्य केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि सितली नाला को एक प्राकृतिक, रमणीय और आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करना है।प्रकृति के साथ स्वस्थ वातावरण का ले सकें आनंद
भविष्य में यहां चौपाटी जैसी सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है, ताकि नागरिक सुबह-शाम मॉर्निंग एवं ईवनिंग वॉक कर सकें, परिवार के साथ समय बिता सकें और प्रकृति के बीच स्वस्थ वातावरण का आनंद ले सकें। उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति का दायित्व नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
नागरिकों के श्रमदान से बनेगी महासमुंद की पहचान
यदि सभी नागरिक श्रमदान, पौधरोपण और स्वच्छता अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें, तो सितली नाला आने वाले वर्षों में महासमुंद की पहचान और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।श्रमदान कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भूपेंद्र राठौर, भरत जी, संजय राजा, योगेश गंडेचा, महेंद्र जैन, मोहन साहू, मनीष शर्मा, पीयूष साहू, आदित्य चोपड़ा, आर्यन तारक, अशोक साहू, छन्नू साहू, भरत कन्नौजे आदि उपस्थित रहे।