IPL 2027: भारत के पूर्व स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह अब आईपीएल में नई भूमिका निभाते नजर आएंगे। दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें आगामी सीजन के लिए असिस्टेंट कोच और बैटिंग कोच नियुक्त किया है। फ्रेंचाइजी ने 13 अक्टूबर को इसकी घोषणा की। 44 वर्षीय युवराज के लिए यह किसी पेशेवर क्रिकेट टीम के कोचिंग स्टाफ में पहली औपचारिक जिम्मेदारी होगी।
युवराज सिंह इससे पहले कई भारतीय खिलाड़ियों को व्यक्तिगत तौर पर मार्गदर्शन दे चुके हैं। हालांकि, आईपीएल या किसी अन्य पेशेवर लीग में कोचिंग की भूमिका उन्होंने अब तक नहीं निभाई थी। दिल्ली कैपिटल्स के साथ इस नई शुरुआत में उनका अनुभव टीम के युवा बल्लेबाजों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
दिल्ली कैपिटल्स के साथ दूसरी पारी, सौरव गांगुली के साथ करेंगे काम
युवराज सिंह का दिल्ली फ्रेंचाइजी से पुराना रिश्ता रहा है। आईपीएल 2015 की नीलामी में दिल्ली डेयरडेविल्स ने उन्हें 16 करोड़ रुपए में खरीदा था। उस समय वह आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे। उन्होंने उस सीजन में टीम की ओर से सभी 14 मुकाबले खेले थे। अब करीब एक दशक बाद युवराज दिल्ली की टीम में वापसी कर रहे हैं, लेकिन इस बार उनकी भूमिका मैदान पर खेलने के बजाय खिलाड़ियों को तैयार करने की होगी। कोचिंग स्टाफ में उनकी मुलाकात पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली से भी होगी।
गांगुली के साथ काम करने को लेकर युवराज ने उत्साह जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कैपिटल्स के साथ अपने करियर का नया अध्याय शुरू करने को लेकर वह बेहद उत्साहित हैं। फ्रेंचाइजी के साथ उनका पुराना जुड़ाव रहा है और अब सौरव गांगुली के साथ कोचिंग की जिम्मेदारी साझा करना उनके लिए खास होगा। युवराज ने यह भी कहा कि कोचिंग को लेकर वह काफी जुनूनी हैं और टीम के युवा खिलाड़ियों के साथ काम करने का इंतजार कर रहे हैं।
पार्थ जिंदल और किरण कुमार ग्रंथी ने किया स्वागत
दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक और जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स के संस्थापक पार्थ जिंदल ने युवराज की नियुक्ति पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि युवराज भारतीय क्रिकेट के बेहतरीन मैच-विनर्स में शामिल रहे हैं। युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने का उनका अनुभव, जीतने की मानसिकता और खिलाड़ियों से जुड़ने की क्षमता टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण होगी। वहीं, जीएमआर स्पोर्ट्स के संस्थापक और दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक किरण कुमार ग्रंथी ने भी युवराज के अनुभव पर भरोसा जताया। उनके मुताबिक, युवराज का शानदार क्रिकेट करियर, प्रतिस्पर्धी रवैया और खेल की गहरी समझ टीम को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।ऐसा रहा युवराज सिंह का अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल करियर
युवराज सिंह भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने बड़े टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से टीम की जीत में अहम योगदान दिया। साल 2007 में भारत ने उनकी मौजूदगी में पहला टी-20 विश्व कप जीता था। इसके बाद 2011 के वनडे विश्व कप में भी उन्होंने बल्ले और गेंद से शानदार प्रदर्शन किया। वह 2011 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में युवराज ने 304 वनडे, 40 टेस्ट और 58 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले।
आईपीएल में उन्होंने 132 मैचों में 2,750 रन बनाए और 36 विकेट हासिल किए। अब दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग स्टाफ में शामिल होने के बाद युवराज के सामने युवा खिलाड़ियों को निखारने और टीम की बल्लेबाजी को मजबूत करने की चुनौती होगी। उनके अनुभव का टीम को कितना फायदा मिलता है, यह आगामी आईपीएल सीजन में देखने को मिलेगा।







