IPO Market: RentoMojo के आईपीओ को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कंपनी के इश्यू को करीब 73 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ। बोली के आंकड़ों के अनुसार, इस आईपीओ के लिए लगभग ₹63,600 करोड़ की मांग दर्ज की गई।
मूल्य के लिहाज से यह शुक्रवार को बंद हुए सभी आईपीओ में सबसे ज्यादा मांग वाला इश्यू रहा। निवेशकों की भारी भागीदारी से साफ संकेत मिला कि बाजार में कंपनी के बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक रुख बना हुआ है।
IPO में भी दिखा निवेशकों का भरोसा
Karamtara Engineering IPO को भी निवेशकों का शानदार समर्थन मिला। इस इश्यू को करीब 60 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ। कंपनी के आईपीओ में निवेशकों ने बड़ी संख्या में बोली लगाई और एंकर निवेशकों के बाद उपलब्ध हिस्से के लिए लगभग ₹40,667 करोड़ की मांग दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इतनी मजबूत प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि निवेशक अच्छी संभावनाओं वाली कंपनियों के नए इश्यू में पैसा लगाने के लिए तैयार हैं। इस आईपीओ की मांग ने भी प्राइमरी मार्केट में बने सकारात्मक माहौल को मजबूत किया।
LCC, ARCIL और Steamhouse को समर्थन
इस हफ्ते बंद हुए अन्य आईपीओ में भी निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली। LCC Projects IPO के लिए करीब ₹14,817 करोड़ की बोलियां प्राप्त हुईं। कंपनी के इश्यू को लेकर निवेशकों ने अच्छा उत्साह दिखाया। वहीं ARCIL IPO में भी मजबूत भागीदारी दर्ज की गई। इस इश्यू के लिए निवेशकों की ओर से लगभग ₹10,311 करोड़ की मांग सामने आई। इसके अलावा Steamhouse India IPO को भी निवेशकों का समर्थन मिला। इसके लिए करीब ₹9,299 करोड़ की बोलियां लगाई गईं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि निवेशक अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों के आईपीओ में अवसर तलाश रहे हैं।एक ही दिन में कई IPO बंद, निवेशकों का उत्साह बरकरार
शुक्रवार को एक साथ कई बड़े और मध्यम आकार के आईपीओ बंद हुए, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों की भागीदारी में कोई कमी नहीं दिखाई दी। बड़ी संख्या में आई बोलियां इस बात का संकेत हैं कि नए शेयर इश्यू को लेकर बाजार में भरोसा बना हुआ है। मेनबोर्ड और SME दोनों प्लेटफॉर्म पर निवेशकों की सक्रियता ने यह साबित किया कि मजबूत कंपनियों के आईपीओ अभी भी बाजार में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
प्राइमरी मार्केट के लिए यादगार रहा यह सप्ताह
कुल मिलाकर शुक्रवार को बंद हुए 9 आईपीओ ने प्राइमरी मार्केट में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी। कंपनियों का कुल फंड जुटाने का लक्ष्य भले ही करीब ₹3,100 करोड़ था, लेकिन निवेशकों की ओर से लगभग ₹1.4 लाख करोड़ की बोलियां आना बड़ी बात रही। इतनी बड़ी मांग ने इस सप्ताह को हाल के वर्षों के सबसे सक्रिय आईपीओ सप्ताहों में शामिल कर दिया है। बाजार में नए निवेश अवसरों को लेकर बढ़ती रुचि और कंपनियों पर निवेशकों के भरोसे ने प्राइमरी मार्केट को मजबूत संकेत दिए हैं।

