छत्तीसगढ़ में चल रही जनगणना के पहले चरण में इस बार इतिहास में पहली बार घरों की सुविधाओं और संसाधनों का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसमें यह दर्ज किया जा रहा है कि किस घर में एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, बाइक, कार या साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
सर्वे के दौरान यह भी दर्ज किया गया है कि मकान पक्का है या कच्चा, टाइल्स वाला है या खपरैल का, कितने कमरे हैं और घर में पानी, बिजली, गैस कनेक्शन व इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं। इस तरह हर घर की पूरी प्रोफाइल डिजिटल रूप में तैयार की जा रही है।
राज्य में 1 मई से शुरू हुए पहले चरण का 92 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, जो 30 मई तक समाप्त होगा। अब तक लगभग 80 लाख से अधिक मकानों का डेटा दर्ज किया जा चुका है। अंतिम चरण में शेष बचे घरों की जानकारी अपडेट की जा रही है।
33 सवालों के आधार पर विस्तृत जानकारी
51 हजार प्रगणक और 9 हजार पर्यवेक्षक तैनात
इस बड़े अभियान में राज्यभर में 51 हजार से अधिक प्रगणक और 9 हजार से ज्यादा पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। ये टीमें घर-घर जाकर डेटा संग्रह और सत्यापन का कार्य कर रही हैं। जनगणना का दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा। इसमें प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत जानकारी ली जाएगी, जैसे नाम, उम्र, शिक्षा, व्यवसाय, वैवाहिक स्थिति, धर्म, भाषा, जाति-जनजाति और रोजगार संबंधी विवरण। यही डेटा भविष्य की सरकारी योजनाओं की नींव बनेगा।
प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी घर तक गणनाकर्मी नहीं पहुंचे हैं या परिवार बाहर था, तो वे टोल फ्री नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा नगर निगम, नगर पालिका और ग्राम पंचायत कार्यालयों में भी जानकारी दी जा सकती है। अंतिम दिनों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
