महानदी की तट पर बसा ग्राम निषदा में रविवार को छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों, किसानों और युवाओं के बीच प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों, बढ़ती महंगाई और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर तीखा आक्रोश फूटा। वक्ताओं ने कहा कि विधानसभा चुनाव में अभी दो वर्ष शेष हैं, लेकिन नेताओं ने अभी से गांवों की परिक्रमा शुरू कर दी है, जबकि संकट के समय जनप्रतिनिधि गायब रहते हैं।
बैठक में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, 1,013 रुपये तक पहुंचे रसोई गैस सिलेंडर के दामों और समय पर खाद न मिलने से परेशान किसानों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने आम जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जबकि खेती-किसानी लगातार घाटे की ओर जा रही है।
शिक्षा व्यवस्था और परीक्षाओं में अनियमितताओं पर सवाल
महानदी बचाओ अभियान और ग्रामीण संघर्षों की सराहना
इस दौरान जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए ग्राम निषदा के निवासियों द्वारा किए गए संघर्षों की सराहना की गई, जिन्होंने महानदी बचाओ अभियान के तहत 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा की। ग्रामीणों ने कानूनी लड़ाई लड़कर एक दोषी कंपनी पर 30 करोड़ का जुर्माना लगवाया और सामूहिक प्रयास से 16 एकड़ अवैध कब्जे वाली भूमि को मुक्त कराया।
ग्रामीणों ने कहा कि जब पंच, सरपंच से लेकर विधायक स्तर तक उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं होती, तब वे न्याय की उम्मीद में इस संगठन की शरण में आते हैं। बैठक के समापन पर छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए गांव-गांव में जनजागरण अभियान चलाने और संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।
