कबीरधाम जिले में बैगा आदिवासी समाज ने आबकारी विभाग के दो अधिकारियों के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। समाज का आरोप है कि कुछ ग्रामीणों को कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है और कार्रवाई के नाम पर उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं। मामले को लेकर समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद की जिला इकाई के बैनर तले सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि बैगा समुदाय के लोगों के खिलाफ दर्ज किए जा रहे कुछ मामलों में वास्तविकता से अधिक मात्रा दिखाकर कार्रवाई की जा रही है। समाज का आरोप है कि इससे गरीब और ग्रामीण परिवारों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महुआ शराब का मामला
समाज के लोगों का कहना है कि महुआ शराब से जुड़े मामलों में जब्ती की वास्तविक मात्रा और दस्तावेजों में दर्ज मात्रा के बीच अंतर बताया जा रहा है। आरोप है कि इसी आधार पर कुछ लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई। बैगा समाज से जुड़ी एक महिला ने दावा किया कि उनके परिवार के सदस्य के खिलाफ दर्ज मामले में वास्तविक मात्रा से अधिक शराब दर्शाई गई। उनका कहना है कि कार्रवाई के दौरान कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए, जिसकी पूरी जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी।
वसूली का आरोप
यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में कार्रवाई से राहत दिलाने या प्रकरण को हल्का करने के नाम पर ग्रामीणों से रकम मांगी गई। समाज का कहना है कि इस तरह की शिकायतों के कारण समुदाय के लोगों में असंतोष बढ़ रहा है और कई परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
बैगा समाज ने कलेक्टर से मांग की है कि शिकायतों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके कार्यकाल के दौरान दर्ज मामलों की भी समीक्षा की जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। समाज का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही प्रभावित परिवारों को उचित न्याय मिलना चाहिए।
आबकारी विभाग
जिला आबकारी अधिकारी अजय सिंह ध्रुव ने स्वीकार किया कि समाज की ओर से शिकायत और ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
