झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस आंदोलन को अपनी पार्टी का पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है। गुरुवार को उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से सीधी बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं। रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के फोन के माध्यम से राहुल गांधी और छात्रों के बीच लगभग 10 मिनट तक संवाद हुआ।
मीडिया के सामने बातचीत का ब्योरा
इस दौरान राहुल गांधी ने अभ्यर्थियों की बातों को बेहद ध्यान से सुना और आश्वस्त किया कि वे इस पूरे मुद्दे पर उनके साथ खड़े हैं। राहुल गांधी से बातचीत के बाद छात्र प्रतिनिधि रवींद्र पासवान ने मीडिया के सामने बातचीत का ब्योरा रखा। उन्होंने बताया कि राज्य में परीक्षा तंत्र में किस तरह माफिया सक्रिय है और किस प्रकार युवा वर्षों की मेहनत के बाद भी ठगे महसूस कर रहे हैं।
हर संभव मदद का दिलाया भरोसा
रवींद्र पासवान ने इस बात पर भी जोर दिया कि चूंकि कांग्रेस झारखंड की राज्य सरकार में गठबंधन साझेदार है, इसलिए पार्टी को अभ्यर्थियों के भविष्य और इन गड़बड़ियों पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट करना चाहिए। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने सभी अभ्यर्थियों से उनकी मांगों की एक विस्तृत सूची भेजने को कहा है और भरोसा दिलाया है कि वे इस दिशा में हर संभव मदद करेंगे।बुनियादी सुधार की जरूरत
वीडियो संदेश और छात्रों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज का शैक्षणिक ढांचा युवाओं के विकास का जरिया बनने के बजाय उन पर एक मानसिक और आर्थिक बोझ बनता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा प्रणाली दिन-ब-दिन अत्यधिक खर्चीली और दमनकारी रूप ले रही है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ रोकने के लिए पूरी व्यवस्था में बड़े पैमाने पर बुनियादी सुधार की सख्त जरूरत है। राहुल गांधी के अनुसार, कोई भी संवेदनशील सरकार युवाओं और छात्रों की जायज मांगों को नजरअंदाज नहीं कर सकती।