मध्य प्रदेश के सतना जिले के नागौद क्षेत्र स्थित हरदुआ विद्युत उपकेंद्र में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब एक आउटसोर्स कर्मचारी अपनी नौकरी समाप्त किए जाने के विरोध में उपकेंद्र की चालू विद्युत लाइन पर चढ़ गया। कर्मचारी ने अधिकारियों पर मनमानी कार्रवाई का आरोप लगाते हुए अपनी मांगें नहीं माने जाने पर आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी भी दी।
जानकारी के अनुसार, लाइन पर चढ़े कर्मचारी की पहचान अजय वर्मा के रूप में हुई है। अजय का आरोप है कि कुछ समय पहले आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में कटौती की गई थी, जिसका कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से विरोध किया था। उनका कहना है कि विरोध के बाद विभागीय स्तर पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। कई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं, जबकि कुछ को दूर-दराज के क्षेत्रों में भेज दिया गया।
अधिकारियों पर प्रताड़ना के लगाए आरोप
अजय वर्मा ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण उन्हें और अन्य कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई कर्मचारियों की आवाज दबाने के उद्देश्य से की जा रही है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने उपकेंद्र परिसर में यह कदम उठाया और अपनी मांगों पर सुनवाई की मांग की। घटना की जानकारी मिलते ही विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। नागौद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मोर्चा संभाला और कर्मचारी को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। अधिकारियों द्वारा लगातार समझाइश दी जा रही है ताकि किसी तरह की अनहोनी को टाला जा सके।
आरोपों की नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि
विरोध करने की सजा मिली
कर्मचारी अजय वर्मा ने आरोप लगाया कि मानदेय कटौती के खिलाफ आवाज उठाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है। उनके मुताबिक, विरोध के बाद कई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं और कुछ को दूसरे क्षेत्रों में भेज दिया गया। उन्होंने इसे कर्मचारियों की आवाज दबाने की कोशिश बताया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कर्मचारी को समझाने और सुरक्षित नीचे उतारने के लिए लगातार प्रयास किए गए। अधिकारियों ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, जिससे किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।