दुर्ग पुलिस ने नकली सोने के बिस्किट और सिक्कों के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक सक्रिय अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जमीन में दबे खजाने और पुराने हंडे में मिले सोने की मनगढ़ंत कहानी सुनाकर लोगों को झांसे में लेते थे और नकली धातु को असली सोना बताकर सस्ते दाम में बेचने का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकली सोने के बिस्किट, सिक्के, कार, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि बोरसी निवासी जितेंद्र साहू की शिकायत पर थाना उतई में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित कर जांच शुरू की। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिनके आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
खजाना मिलने की कहानी बनाकर करते थे ठगी
भारी मात्रा में नकली सोना और अन्य सामान जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1 किलो 242 ग्राम वजन के सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट, एक नकली सिक्का, ठगी में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार, कई मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज व सामग्री बरामद की है। जब्त सामान की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी पहले भी इसी तरह की ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस अब उनके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य जिलों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है। संभावना जताई जा रही है कि गिरोह कई जिलों में सक्रिय होकर लोगों को निशाना बना रहा था।
