छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर नियमों के पालन को लेकर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। मई और जून 2026 में किए गए निरीक्षण के दौरान कई उद्योगों में सुरक्षा मानकों की कमी और नियमों का उल्लंघन सामने आया, जिसके बाद विभाग ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।
निरीक्षण में मिली अनियमितताओं के आधार पर विभाग ने कुल 6 आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय में प्रस्तुत किए हैं। इनमें कारखाना अधिनियम-1948 और श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े अन्य प्रावधानों के उल्लंघन के मामले शामिल हैं।
मई-जून में 8 उद्योगों पर कार्रवाई
मई 2026 में विभाग ने पांच उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई की। इनमें मेसर्स अग्रोहा स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड (पाली), जिंदल स्टील लिमिटेड यूनिट-3, रायगढ़ साल्वेंट एक्सट्रेक्शन प्रा.लि., रायगढ़ इस्पात एंड पावर प्रा.लि. यूनिट-2 और बीपी एक्टिव इंजीकॉन प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन संस्थानों पर श्रम और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप है। जून 2026 में भी विभाग ने कार्रवाई जारी रखी। शिव शक्ति स्टील लिमिटेड, श्री सांई गणेश ट्रेडिंग कंपनी और एमएसपी स्टील एंड पावर लिमिटेड के खिलाफ सुरक्षा नियमों की अनदेखी और श्रमिक सुविधाओं में कमी को लेकर प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किए गए।चार उद्योगों पर 8 लाख का जुर्माना
पहले से लंबित मामलों की सुनवाई पूरी होने के बाद श्रम न्यायालय ने चार उद्योगों पर कुल 8 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया है। इसमें एनआर इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड पर 1 लाख रुपए, जिंदल पावर लिमिटेड पर 3 लाख रुपए, मित्तल स्टोन क्रशर पर 1.50 लाख रुपए और अंजनी स्टील लिमिटेड पर दो मामलों में कुल 2.50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के उप संचालक राहुल पटेल ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण से जुड़े नियमों की अनदेखी को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग लगातार औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण कर रहा है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।