कतर के सबसे बड़े ऊर्जा केंद्रों में से एक, रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी की बरजान गैस फैसिलिटी में रविवार रात एक बड़ा हादसा हो गया। प्लांट में हुए जोरदार धमाके और उसके बाद लगी भीषण आग में कुल 13 लोगों की जान चली गई है, जिनमें 12 भारतीय नागरिक शामिल हैं। दोहा स्थित भारतीय दूतावास और कतर के ऊर्जा मंत्रालय ने इस दुखद घटना की पुष्टि की है।
कतर के ऊर्जा मंत्री और कतर एनर्जी के मुख्य कार्यकारी साद अल-काबी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस हादसे में जान गंवाने वाले लोग भारत और पाकिस्तान के नागरिक थे। घटना में 66 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है।
70 किलोमीटर दूर तक महसूस किए गए झटके
चश्मदीदों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी गूंज और झटके करीब 70 किलोमीटर दूर राजधानी दोहा तक महसूस किए गए। हादसा उस वक्त हुआ जब मेंटेनेंस के बाद प्लांट में दोबारा कामकाज शुरू करने की कोशिशें की जा रही थीं। धमाके के तुरंत बाद पूरे परिसर में आग फैल गई, जिसके बाद आपातकालीन सेवाओं और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पाया। कतरी प्रशासन ने शुरुआती जांच के बाद इसे एक तकनीकी दुर्घटना करार दिया है और किसी भी तरह की साजिश या तोड़फोड़ की आशंका से इनकार किया है।
दो दिन पहले ही शुरू हुआ था उत्पादन
बता दें कि बरजान गैस फैसिलिटी कतर के बुनियादी ढांचे का एक बेहद संवेदनशील और अहम हिस्सा है। इसकी दैनिक उत्पादन क्षमता लगभग 1.4 बिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट है। यहाँ से निकलने वाली गैस का मुख्य इस्तेमाल कतर में बिजली बनाने और समुद्र के खारे पानी को पीने लायक (डिसेलिनेशन) बनाने वाले प्लांटों को चलाने के लिए होता है, जो इस खाड़ी देश की पानी की लाइफलाइन हैं।
पीड़ितों की मदद में जुटा भारतीय दूतावास
हादसे की खबर मिलते ही दोहा में मौजूद भारतीय दूतावास सक्रिय हो गया है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शोक जताते हुए कहा कि वे इस मुश्किल घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं और दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना करते हैं।
भारतीय राजनयिक लगातार कतर के अधिकारियों और अस्पताल प्रशासन के संपर्क में हैं ताकि घायलों को बेहतर इलाज मिल सके। इसके साथ ही, मारे गए 12 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीरों को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर जल्द से जल्द भारत भेजने की व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने घटना के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।