छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से शनिवार को एक ऐसा दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। कुरूद थाना क्षेत्र के ग्राम चारभाटा में घर के बाहर खेल रही पांच वर्षीय मासूम बच्ची ट्रैक्टर की चपेट में आ गई। हादसे में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई
ग्रामीणों और परिजनों ने तुरंत पहुंचाया अस्पताल आसपास मौजूद ग्रामीण और परिजन बिना देर किए घायल बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने तत्काल उसका इलाज शुरू किया और उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। जैसे ही मासूम की मौत की खबर परिवार तक पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस घटना से बेहद दुखी हैं।
बच्चों की लेकर गंभीर सवाल
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच घटना की सूचना मिलते ही कुरूद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और कहीं किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं हुई। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चारभाटा गांव में छाया शोक का माहौल
ग्रामीण इलाकों में अक्सर ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य भारी वाहन आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं। ऐसे में घरों के बाहर खेल रहे छोटे बच्चों के लिए खतरा लगातार बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों के चालकों को रिहायशी इलाकों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं अभिभावकों को भी छोटे बच्चों पर लगातार नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि एक पल की चूक बड़ा हादसा बन सकती है।
पुलिस पुरे मामले जांव कर रही है
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि रिहायशी क्षेत्रों में भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान अतिरिक्त सतर्कता और बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही कभी-कभी ऐसी त्रासदी में बदल जाती है, जिसकी भरपाई जीवनभर संभव नहीं होती।