छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एसईसीएल, मुड़ापार स्थित मुख्य अस्पताल के समीप संचालित साप्ताहिक बाजार में सोमवार को अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि फुटपाथ पर लगी कई दुकानें उसकी चपेट में आ गईं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोग आग बुझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन तेज लपटों के कारण हालात बेकाबू हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सोमवार होने के कारण यहां साप्ताहिक बाजार लगा हुआ था और बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचे थे। बाजार के प्रवेश मार्ग के पास फुटपाथ पर लगी दुकानों में से एक दुकान से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में वहां आग की लपटें उठने लगीं। दुकानों में रखी लकड़ियां, प्लास्टिक सामग्री, कपड़े और अन्य ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैलती चली गई।
कई दुकानदारों की मेहनत मिनटों में राख
आग इतनी भयावह थी कि आसपास की कई छोटी दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। दुकानदार अपने सामान को बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन तेज आग और धुएं के कारण अधिकांश सामान नहीं बचाया जा सका। बताया जा रहा है कि कई दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। आग से रोजी-रोटी चलाने वाले छोटे व्यापारियों के सामने अब संकट खड़ा हो गया है। घटना के दौरान बाजार में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ देर के लिए बाजार क्षेत्र में भगदड़ जैसे हालात बन गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।पुलिस और फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर हटाया। इसके बाद दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। करीब एक घंटे की कार्रवाई के बाद स्थिति सामान्य हो सकी। आग बुझने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। प्राथमिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या किसी दुकान में जल रही आग को माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस और प्रशासन की टीम मामले की जांच में जुट गई है। वहीं प्रभावित दुकानदारों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
