राजस्थान अपने विशालकाय रेगिस्तान और समृद्ध संस्कृति के लिए दुनियाभर में मशहूर है। रेतीले धोरों में धूल भरी आंधियां चलना यहाँ के लोगों के लिए आम बात हो सकती है, लेकिन जब प्रकृति अपना विकराल रूप दिखाती है, तो देखने वालों की रूह कांप जाती है। इन दिनों सोशल मीडिया पर राजस्थान के बीकानेर का एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि आसमान छूता हुआ रेत का एक विशाल और बेहद घना तूफान धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। देखते ही देखते इस भयानक बवंडर ने पूरी इंसानी बस्ती को अपनी आगोश में ले लिया।
तूफान इतना खौफनाक था कि दिन के उजाले में भी चारों तरफ धूल का ऐसा गुबार छा गया मानो अंधेरा हो गया हो। घर की छत से रिकॉर्ड किया गया यह महज 12 सेकंड का वीडियो इस बात का गवाह है कि जब प्रकृति अपना रंग बदलती है, तो इंसानी वजूद कितना छोटा नजर आने लगता है।
सोशल मीडिया पर 'तूफान'
यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर @mufaddal_vohra नाम के हैंडल से शेयर किया गया है, जो इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है।
| सोशल मीडिया मीट्रिक्स | आंकड़े (तेजी से बढ़ते हुए) |
| कुल व्यूज (Views) | 8.6 लाख से अधिक (अब 1 मिलियन के करीब) |
| लाइक्स (Likes) | 16 हजार से ज्यादा |
| चर्चा का विषय | पश्चिमी राजस्थान में गर्मियों का मौसम |
यूजर्स को याद आई हॉलीवुड फिल्म, किए मजेदार कमेंट्स
इस खौफनाक मंजर को देखकर नेटिजन्स लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वीडियो के कमेंट सेक्शन में लोग इसकी तुलना हॉलीवुड की मशहूर साइंस-फिक्शन फिल्मों से कर रहे हैं:
"इसे देखकर तो क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'Interstellar' के उस सीन की याद आ गई, जहाँ पूरी धरती धूल के तूफान से ढक जाती है।"
— एक सोशल मीडिया यूजर
दूसरा यूजर: "यह वाकई बेहद डरावना और जबरदस्त धूल का तूफान है।"
तीसरा यूजर (मजाकिया अंदाज में): "अब पृथ्वी छोड़ने और सीधे 'कूपर स्टेशन' (Interstellar फिल्म का स्पेस स्टेशन) पर जाकर बसने का समय आ गया है!"
ताज़ा अपडेट और एक्सपर्ट एडवाइस
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, गर्मियों के मौसम में पश्चिमी राजस्थान (बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर) में तापमान बढ़ने के कारण 'लो प्रेशर एरिया' (कम दबाव का क्षेत्र) बनता है, जिससे ऐसे तीव्र धूल भरे बवंडर उठते हैं।
सुरक्षा के लिए जरूरी सलाह:
ऐसे तूफान आने पर तुरंत पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों में शरण लें।
गाड़ी चला रहे हों तो वाहन को सड़क के किनारे रोक लें और इंडिकेटर ऑन कर दें।
धूल से बचने के लिए चेहरे और आंखों को ढककर रखें, क्योंकि यह सांस की बीमारी का कारण बन सकता है।
