प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत
प्रोजेक्ट चीता से शुरू हुआ था सफर भारत में चीतों की वापसी के लिए 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कूनो नेशनल पार्क में ‘प्रोजेक्ट चीता’ की शुरुआत की गई थी। इस परियोजना के तहत पहले चरण में नामीबिया से 8 चीतों को भारत लाया गया था।
इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और फरवरी 2026 में बोत्सवाना से 9 चीतों को कूनो लाया गया। इन चीतों को भारतीय पर्यावरण में ढालने के लिए विशेष निगरानी और संरक्षण व्यवस्था की गई।
चीतों की बढ़ती संख्या
भारत में जन्मे चीतों की बढ़ रही संख्या विदेशों से लाए गए चीतों के सफल अनुकूलन के बाद कूनो में अब चीतों का प्राकृतिक प्रजनन भी लगातार देखने को मिल रहा है। मादा चीता KGP12 द्वारा चार शावकों को जन्म देना इसी कड़ी में एक और बड़ी उपलब्धि है। वन विभाग और विशेषज्ञों की टीम लगातार इन चीतों की निगरानी कर रही है, ताकि शावकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास पर विशेष ध्यान दिया जा सके।चीता संरक्षण का केंद्र कूनो
कूनो बना चीता संरक्षण का प्रमुख केंद्र कूनो नेशनल पार्क पिछले कुछ वर्षों में भारत में चीता संरक्षण के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। यहां चीतों के लिए बेहतर प्राकृतिक आवास, पर्याप्त शिकार क्षेत्र और अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध कराई गई हैं।
चार नए शावकों के जन्म के साथ भारत में चीता संरक्षण अभियान को नई मजबूती मिली है। आने वाले समय में कूनो में चीतों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
