जिला मुख्यालय से सटे ग्रामीण क्षेत्र कोदोबतर के चट्टानपारा गांव में गुरुवार रात एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी ने लोगों में दहशत फैला दी। ताज़ा जानकारी के अनुसार, देर रात एक सात वर्षीय बालक पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया और उसे जंगल की ओर घसीटने का प्रयास किया। इस भयावह घटना के बाद पूरे गांव में तनाव और भय का माहौल व्याप्त हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चट्टानपारा निवासी धनेश कुमार पड़ोस के घर टीवी देखने के बाद रात में अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह झाड़ियों के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे तेंदुए ने उस पर अचानक हमला कर दिया। तेंदुए ने बच्चे की गर्दन पकड़कर उसे घसीटना शुरू कर दिया और जंगल की ओर ले जाने का प्रयास किया। अचानक हुए इस हमले से बच्चा जोर-जोर से चीखने लगा।
बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के परिजन और ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े। बिना समय गंवाए लोगों ने साहस दिखाते हुए तेंदुए को भगाने की कोशिश की। काफी संघर्ष के बाद ग्रामीणों ने तेंदुए को खदेड़कर बच्चे को उसके चंगुल से छुड़ा लिया। यदि थोड़ी भी देर होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
गंभीर रूप से घायल बच्चा
वन विभाग की कार्रवाई और निगरानी
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इलाके में तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। विभाग द्वारा गांव में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने और रात के समय अकेले बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए की लोकेशन ट्रेस करने और उसकी लगातार निगरानी के लिए विशेष टीम सक्रिय कर दी गई है। वन विभाग और प्रशासन ने ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीम पूरी तरह तैयार है।
