Mahasamund News: शांत्रीबाई कॉलेज में गरबा-डांडिया की धूम, पारंपरिक वेशभूषा में थिरके विद्यार्थी
Mahasamund News: शांत्रीबाई कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय में नवरात्रि के अवसर पर गरबा उत्सव आयोजित किया गया। छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में गरबा और डांडिया प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष राहुल चंद्राकर और प्राचार्य डॉ. सविता चंद्राकर ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रकाशित: 17 Oct 2026, 06:29 PM· 3 मिनट पढ़ने का समय
महासमुंद
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Mahasamund News: शांत्रीबाई कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय में नवरात्रि के अवसर पर गरबा उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में गरबा और डांडिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। रंग-बिरंगे परिधानों और पारंपरिक संगीत से महाविद्यालय परिसर उत्सवमय हो गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और लोकनृत्य से जोड़ने के साथ आपसी सद्भाव एवं सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देना था। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर
छत्तीसगढ़ चंद्रनाहू शिक्षण समिति के अध्यक्ष राहुल चंद्राकर ने कहा कि नवरात्रि शक्ति, भक्ति, आस्था और नारी सम्मान का प्रतीक है। गरबा और डांडिया जैसे पारंपरिक लोकनृत्य भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को जीवंत बनाए रखते हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ती है और समाज में प्रेम, सद्भाव एवं एकता की भावना मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना भी है। सांस्कृतिक गतिविधियों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। उन्होंने महाविद्यालय में शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की सराहना की और विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया।
सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया गया नवरात्रि उत्सवसांस्कृतिक गतिविधियां व्यक्तित्व विकास में सहायक: प्राचार्य
कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सविता चंद्राकर ने कहा कि नवरात्रि का पर्व शक्ति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। गरबा एवं डांडिया भारतीय सांस्कृतिक पहचान के महत्वपूर्ण अंग हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और उसे संरक्षित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को भी महत्व दिया जाता है। इससे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
महाविद्यालय के पदाधिकारी और स्टाफ रहे उपस्थित
कार्यक्रम में शिक्षण समिति के अध्यक्ष राहुल चंद्राकर, सचिव कमलेश चंद्राकर, संचालक सदस्य चंद्रपाल चंद्राकर, प्राचार्य डॉ. सविता चंद्राकर और चंद्रोदय पब्लिक स्कूल के प्राचार्य कुंभज चंद्राकर उपस्थित रहे।
इसके अलावा महाविद्यालय के शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य मेनका चंद्राकर, नारायण चक्रधारी, आकांक्षा सिंह, गायत्री चंद्राकर, हीना चंद्राकर, शत्रुघ्न पटेल, आरशिन सोलोमन, भूमिका दुबे, नरेंद्र तांडी, नेहा साहू, दामिनी साहू, गुलाब चंद्राकर, विष्णु चंद्राकर, घनश्याम साहू, बलराम चंद्राकर, मानिक लाल तारक, प्रमिला चंद्राकर और मानिक पटेल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी की सहभागिता से गरबा नवरात्रि उत्सव उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। आयोजन ने महाविद्यालय परिसर में सांस्कृतिक एकता, उमंग और उल्लास का वातावरण बनाया।