Mahasamund News: शांत्रीबाई कॉलेज में पुरुषोत्तम कौशिक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा
Mahasamund News: महासमुंद में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं समाजवादी नेता स्वर्गीय पुरुषोत्तम कौशिक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान उनके शिक्षा, समाजसेवा और जनहित में योगदान को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
प्रकाशित: 05 Oct 2026, 05:11 PM· 3 मिनट पढ़ने का समय
महासमुंद
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Mahasamund News: छत्तीसगढ़ चंद्रनाहूं शिक्षण समिति, महासमुंद की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं समाजवादी नेता स्वर्गीय पुरुषोत्तम कौशिक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षण समिति के पदाधिकारियों, समाजवादी साथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम की शुरुआत समिति के सचिव कमलेश चंद्राकर ने स्वर्गीय पुरुषोत्तम कौशिक की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। इसके बाद उनके पौत्र पुलकित कौशिक ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। और उपस्थित लोगों ने भी पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।
स्वर्गीय पुरुषोत्तम कौशिक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभाशिक्षा और जनहित के लिए समर्पित रहा जीवन
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए समाजवादी साथी कमलेश घुव ने कहा कि पुरुषोत्तम कौशिक का जीवन संघर्ष और समाजसेवा से जुड़ा रहा। उन्होंने शिक्षा के साथ किसान, गरीब और मजदूर वर्ग के हितों के लिए कार्य किया। उन्होंने बताया कि कौशिक जी को किताबें पढ़ने के साथ-साथ खेलों में भी विशेष रुचि थी।
शिक्षण समिति के सचिव कमलेश चंद्राकर ने कहा कि पुरुषोत्तम कौशिक ने क्षेत्र में शिक्षा के विस्तार और शिक्षण संस्थाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए। उनके प्रयासों से स्थापित छत्तीसगढ़ चंद्रनाहूं शिक्षण समिति आज भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। संस्था द्वारा नर्सरी से 12वीं तक सीबीएसई आधारित अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के साथ महाविद्यालयीन शिक्षा भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि कौशिक जी द्वारा स्थापित शिक्षण संस्थान को निरंतर आगे बढ़ाना समिति का प्रयास रहेगा।
शिक्षण समिति के पूर्व सचिव द्वारिका प्रसाद चंद्राकर ने कहा कि पुरुषोत्तम कौशिक का मानना था कि समाज की वास्तविक प्रगति शिक्षा के विस्तार से ही संभव है। वे चाहते थे कि शिक्षा का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और किसान, मजदूर तथा गरीब वर्ग को सम्मान और अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि कौशिक जी के बताए रास्ते पर चलकर सामाजिक कार्यों में योगदान देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
जमीनी स्तर से केंद्रीय मंत्री तक का सफर
ऋषि चंद्राकर ने पुरुषोत्तम कौशिक के राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके जमीनी स्तर से लेकर केंद्रीय मंत्री बनने तक के सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि कौशिक जी जनता के बीच रहकर काम करने वाले नेता थे और लंबे समय तक लोगों के बीच सक्रिय रहे।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम का संचालन राजेश्वर खरे ने किया। अंत में पुलकित कौशिक ने श्रद्धांजलि सभा में शामिल सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शिक्षण समिति के संचालक द्रोण चंद्राकर, सुरेखा चंद्राकर, निखिल चंद्राकर, दयालु चंद्राकर, प्रसुन चंद्राकर, पूर्व सचिव द्वारिका प्रसाद चंद्राकर, चमन लाल चंद्राकर, सेवन लाल चंद्राकर, दिलीप कौशिक, शंकर लाल चंद्राकर, नंदकुमार चंद्राकर, देवेन्द्र चंद्राकर, भीमसेन चंद्राकर, ऋषि चंद्राकर, भूपेन्द्र चंद्राकर, गिरजाशंकर चंद्राकर सहित अन्य सदस्य और समाजवादी साथी मौजूद रहे।
शांत्रीबाई महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सविता चंद्राकर, चन्द्रोदय पब्लिक स्कूल महासमुंद के प्राचार्य नवीन चंद्राकर, चन्द्रोदय पब्लिक स्कूल बागबाहरा के प्राचार्य कुंभज चंद्राकर सहित महाविद्यालय एवं विद्यालय के स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी श्रद्धांजलि सभा में भाग लिया।