Mahasamund News: शांत्रीबाई कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, महासमुंद में रेडक्रॉस एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में आशीर्वाद ब्लड सेंटर, रायपुर के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता में सहयोग करना था।
शिविर में महाविद्यालय शिक्षण उपसमिति के सभापति तारणी चन्द्राकर, संचालक सदस्य निखिल चन्द्राकर, सहायक प्राध्यापक मेनका चन्द्राकर, आकांक्षा सिंह, गायत्री चन्द्राकर, नेहा साहू और विष्णु चन्द्राकर सहित महाविद्यालय के 30 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया।
रक्तदान को बताया मानव सेवा का माध्यम
महाविद्यालय शिक्षण उपसमिति के सभापति तारणी चन्द्राकर ने कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना का परिचायक है। उन्होंने कहा कि किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सविता चंद्राकर ने रक्तदान को महान मानवीय एवं सामाजिक सेवा बताते हुए विद्यार्थियों और युवाओं से रक्तदान के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने युवाओं को आगे आकर इस पुनीत कार्य में सहभागिता के लिए प्रेरित किया।
रक्तदाताओं को दिए गए विशेष उपहार
रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए आशीर्वाद ब्लड सेंटर, रायपुर की ओर से विशेष उपहार प्रदान किए गए। रक्तदाताओं को हेलमेट, स्मार्ट वॉच और कॉलेज बैग देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
ब्लड सेंटर की टीम ने संभाली व्यवस्था
आशीर्वाद ब्लड सेंटर, रायपुर की टीम ने रक्तदान प्रक्रिया को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया। टीम के मैनेजर राजकुमार गुप्ता के साथ प्रयोगशाला तकनीशियन निखिल सिन्हा, प्रियंका, यशोदा, कृष्ण कुमार और श्रेया ने अपनी सेवाएं दीं। मैनेजर राजकुमार गुप्ता ने रक्तदाताओं को रक्तदान के महत्व, आवश्यक सावधानियों और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी प्रदान की।
आयोजन में स्टाफ और विद्यार्थियों का सहयोग
शिविर के सफल आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं रेडक्रॉस प्रभारी सहित महाविद्यालय के स्टाफ नारायण चक्रधारी, गायत्री चन्द्राकर, हीना चन्द्राकर, शत्रुघन पटेल, अर्शिन श्लोमन, नरेन्द्र ताण्डी, दामिनी साहू, हंसराज चन्द्राकर, गुलाब चन्द्राकर, विष्णु चन्द्राकर, घनश्याम साहू, बलराम चन्द्राकर, मानिक लाल तारक, प्रमिला चन्द्राकर, मानिक पटेल तथा महाविद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं का विशेष सहयोग रहा।

