छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित लोकभवन आज विभिन्न संस्कृतियों के अनूठे संगम का गवाह बना। अवसर था पश्चिम बंगाल, गोवा और तेलंगाना राज्यों के स्थापना दिवस का, जिसे 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' अभियान के तहत बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल रमेन डेका शामिल हुए। उन्होंने तीनों राज्यों के नागरिकों को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि जब हम एक-दूसरे की भाषा, कला और जीवन-शैली को अपनाते हैं, तो देश की एकता और अखंडता को एक नई ताकत मिलती है।
महापुरुषों की धरती बंगाल और गोवा की अनूठी संस्कृति का जिक्र
अपने संबोधन के दौरान राज्यपाल डेका ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से तीनों राज्यों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल को याद करते हुए कहा कि इस धरती ने देश को बंकिमचंद्र चटर्जी, स्वामी विवेकानंद, ईश्वर चंद्र विद्यासागर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महापुरुष दिए हैं, जिन्होंने समाज और आजादी की लड़ाई की दिशा बदल दी। वहीं, देश के सबसे छोटे राज्य गोवा की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्रफल में भले ही यह छोटा हो, लेकिन इसकी सांस्कृतिक विरासत अद्भुत है, जहाँ भारतीय और पुर्तगाली संस्कृति का बेहतरीन तालमेल दिखता है।
लोक कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियां
समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियां सम्मानित
इस खास आयोजन में केवल सांस्कृतिक रंग ही नहीं बिखरे, बल्कि समाज के लिए मिसाल पेश करने वाले चेहरों को भी मंच पर सराहा गया। राज्यपाल रमेन डेका ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया। इसमें जगदलपुर के 'ट्री मैन' के नाम से मशहूर और पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित सम्पत झा सहित रिनी छाबड़ा,सीमा गुप्ता,ललिता पैकरा और तूलिका पाण्डेय को उनकी सेवाओं के लिए स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।