छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना मुंगेली जिले की महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बन रही है। योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग महिलाएं घरेलू आवश्यकताओं, स्वरोजगार और खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में कर रही हैं। नियमित सहायता मिलने से महिलाएं परिवार के खर्चों में अपनी भागीदारी भी बढ़ा रही हैं।
रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योजना की 30वीं किस्त जारी की। इसके तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में एक-एक हजार रुपए अंतरित किए गए। अब तक प्रत्येक पात्र महिला को 30 किस्तों के माध्यम से कुल 30 हजार रुपए की सहायता मिल चुकी है। त्योहार से पहले राशि मिलने से लाभार्थी महिलाओं में खुशी का माहौल है।
खेती-किसानी में राशि का उपयोग कर रहीं मंजू राजपूत
लोरमी तहसील के ग्राम झाफल की निवासी मंजू राजपूत भी महतारी वंदन योजना की लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि हर महीने मिलने वाली राशि उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रही है। वह इस पैसे का इस्तेमाल खेती-किसानी से जुड़े जरूरी कार्यों और कृषि सामग्री पर होने वाले खर्च को पूरा करने में करती हैं।
परिवार के खर्चों का बोझ हुआ कम
मंजू राजपूत के मुताबिक नियमित आर्थिक सहायता मिलने से खेती के छोटे-मोटे खर्चों के लिए परिवार पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। जरूरत के समय यह राशि खाद, बीज और अन्य कृषि कार्यों में काम आती है। इससे वह अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी सहयोग कर पा रही हैं।महिलाओं की आर्थिक भागीदारी हुई मजबूत
महतारी वंदन योजना के जरिए मिलने वाली सहायता से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मविश्वास बढ़ रहा है। जिले की कई महिलाएं योजना की राशि को घरेलू खर्च तक सीमित रखने के बजाय आजीविका और स्वरोजगार से जुड़े कार्यों में लगा रही हैं। इससे उन्हें अपने स्तर पर आर्थिक फैसले लेने का अवसर भी मिल रहा है।
रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने पर जताई खुशी
मंजू राजपूत ने रक्षाबंधन से पहले किस्त मिलने पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से मिलने वाली यह सहायता उनके परिवार के लिए काफी उपयोगी है। इससे खेती-किसानी के काम में सहयोग मिलने के साथ दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलती है।


