गुजरात के खेड़ा जिले से एक बहुत ही खौफनाक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के कपडवंज इलाके में चल रही एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में शनिवार को अचानक बहुत बड़ा विस्फोट हो गया। यह धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज और कंपन से आसपास के कई गांवों की धरती तक कांप उठी। धमाके का असर इतना भयानक था कि जिस पूरी इमारत के अंदर यह अवैध काम चल रहा था, वह ताश के पत्तों की तरह ढह गई और पल भर में मलबे के ढेर में बदल गई। इस दर्दनाक हादसे में पांच से छह लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की शुरुआती खबर मिली है।
धमाके की आवाज सुन दौड़े स्थानीय लोग, मलबे से निकालकर घायलों को पहुंचाया अस्पताल
शनिवार को कपडवंज के डंपिंग स्टेशन यानी कचरा फेंकने वाली मुख्य जगह के ठीक सामने बनी इस इमारत में अचानक आग लगी और फिर जोरदार ब्लास्ट हो गया। धमाके की भयावह आवाज सुनकर आसपास रहने वाले लोग डर गए और तुरंत घटनास्थल की तरफ भागे। वहां का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया क्योंकि पूरी फैक्ट्री मलबे में तब्दील हो चुकी थी। स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए अपनी तरफ से राहत का काम शुरू किया और मलबे के नीचे दबे घायलों को बाहर निकालकर तुरंत पास के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
फायर ब्रिगेड और पुलिस का युद्धस्तर पर रेस्क्यू, मलबे को हटाने का काम जारी
घटना की भयावहता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड यानी आग बुझाने वाले दल के कर्मचारी इस समय युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। मलबे को हटाने के लिए बड़ी गाड़ियों की मदद ली जा रही है ताकि यह पूरी तरह साफ हो सके कि मलबे के नीचे कोई और मजदूर या आम नागरिक तो नहीं फंसा हुआ है। पुलिस अधिकारी खुद मौके पर खड़े होकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
दो दिन पहले भी पकड़ी गई थी फैक्ट्री
खेड़ा जिले में पिछले दो दिनों के भीतर पटाखा फैक्ट्रियों से जुड़ी यह दूसरी बड़ी और हैरान करने वाली घटना है। इससे ठीक दो दिन पहले ही खेड़ा की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी विशेष जांच दल की टीम ने वासो गांव में भी एक ऐसी ही अवैध पटाखा बनाने वाली जगह का भंडाफोड़ किया था। इसके तुरंत बाद कपडवंज में हुए इस बड़े हादसे ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की मुस्तैदी पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों में इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि रिहायशी इलाकों यानी जहां आम जनता और परिवार रहते हैं, उनके आसपास ऐसी खतरनाक और बिना लाइसेंस वाली फैक्ट्रियां कैसे चल रही थीं।लापरवाही बरतने वालों पर दर्ज हुआ केस
इस भयानक हादसे के बाद से पूरे खेड़ा जिले के लोगों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए गैरकानूनी तरीके से काम करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस कारखाने का असली मालिक कौन है और यह किसकी शह पर बिना सरकारी मंजूरी के चलाया जा रहा था। प्रशासन ने सख्त लहजे में कहा है कि जिले में जहां कहीं भी ऐसी अवैध इकाइयां चल रही हैं, उन्हें ढूंढकर सील किया जाएगा और दोषियों को जेल भेजा जाएगा।
